ISI का नया हथकंडा : स्मार्टफोन वायरस के ज़रिए भारतीय सुरक्षा बलों की जासूसी!

नई दिल्ली (3 मई): पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारतीय सुरक्षा बलों की जासूसी करने के लिए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। आईएसआई टॉप गन, एमपीजंकी, वीडीजंकी, टॉकिंग फ्रॉग जैसे मोबाइल गेमिंग और म्यूजिक एप्लीकेशन्स में वायरस (मैलवेयर) के जरिए जासूसी के हथकंडे अपना रही है। सरकार ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा में एक सवाल का जबाब देते हुए गृह राज्यमंत्री हरिभाई पार्थीभाई चौधरी ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का जासूसी के लिए एक और हथकंडा जॉब और आर्थिक मदद का लालच देकर पूर्व सर्विसमैन को फंसाने की कोशिश करना है। 

मंत्री ने कहा, "ऐसी रिपोर्ट्स मिली हैं कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी भारतीय सुरक्षा बलों की जासूसी कर रही हैं। इसके लिए वे मोबाइल एप्स में टॉप गन (गेम एप), एमपीजंकी (म्यूजिक एप), वीडीजंकी (वीडियो एप) और टॉकिंग फ्राग (इन्टरटेनमेंट एप) के जरिए मैलवेयर भेज रही हैं।"

उन्होंने बताया कि 2013-16 के दौरान, 7 पूर्व सर्विसमैन आईएसआई के लिए जासूसी करने के लिए पकड़े/गिरफ्तार गए थे। "भारतीय सुरक्षा बलों को पाकिस्तानी आईएसआई के इन संदिग्ध स्मार्टफोन एप्लीकेशन्स के इस्तेमाल के बारे में जागरुक किया गया है।"

चौधरी ने बताया, "सरकार ने कम्प्यूटर सिक्योरिटी पॉलिसी और गाइडलाइंस सभी मंत्रालयों और विभागों में सर्कुलेट की हैं। जिससे इस तरह के साइबर हमलों को रोकने, पकड़ने और सामना करने के लिए तैयारी की जा सके। इन कदमों में स्टाफ और अधिकारियों को जागरुक करना, इलैक्ट्रॉनिक सर्विलांस के लिए सीसीटीवी और बायोमीट्रिक लगाए जाना शामिल है। इसके अलावा साइबर हमलों और साइबर आतंकवाद का खात्मा करने के लिए एक सुपरिभाषित क्राइसेस मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाना भी शामिल है।"