मोती पासवान का खुलासा, सिमी के ISI से हैं रिश्ते

नई दिल्ली (25 जनवरी): भारत-नेपाल के सीमावर्ती आदापुर से गिरफ्तार मोती पासवान ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ व आतंकी संगठन सिमी के रिश्तों का खुलासा किया है। पूछताछ में उसने सुरक्षा एजेंसियों को बताया है कि लंबी दूरी की कुछ और ट्रेनों को दुर्घटनाग्रस्त कराने का प्लान था। इस काम के लिए सिमी ने आइएसआइ के इशारे पर अपने 30 आतंकियों को लगाया था। उसने कानपुर रेल हादसे को लेकर भी खुलासे किये हैं।

मोती ने जिला पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के समक्ष स्वीकार किया है कि नेपाल में गिरफ्तार ब्रजकिशोर गिरि सहित अन्य के साथ मिल कर उसने कानपुर रेल हादसा को अंजाम दिया था। इस खुलासे के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है। एनआइए ने घोड़ासहन रेलवे ट्रैक व कानपुर रेल दुर्घटना के केस को हैंडओवर करने के लिए गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। मोती पासवान ने खुलासा किया है कि आएसआइ के इशारे पर कानपुर में पटना-इंदौर एक्सप्रेस को बेपटरी करने की योजना बनायी गयी थी। इसके लिए दुबई में बैठे आइएसआइ एजेंट शमशुल होदा ने नेपाल, मोतिहारी व गोरखपुर के कारिंदों को जिम्मेवारी सौंपी थी।

प्लान में शामिल लोगों की अलग-अलग ड्यूटी लगायी गयी थी। उसने बताया है कि कानपुर रेल हादसे में गोरखपुर का सगीर अंसारी नामक युवक भी शामिल था। उसने सगीर की पहचान भी बतायी है। कहा है कि उसकी मूंछ नहीं, लेकिन बड़ी-बड़ी दाढ़ी थी। सागीर ने ही गोरखपुर में हमलोगों को बम उपलब्ध कराया था।

वहीं इस पूछताछ के बाद छह दिनों के रिमांड पर लिये गये मोती पासवान, मुकेश कुमार व उमाशंकर पटेल को पूछताछ के बाद सोमवार को जेल भेज दिया गया। पूछताछ से पहले तीनों आरोपितों को जिला पुलिस व सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी घोड़ासहन लेकर गये। वहां घटनास्थल का मुआयना किया। वहीं तीनों आरोपितों ने घटनास्थल व वहां तक आने-जाने के रास्तों की पहचान करायी। इसके अलावा फरार गजेंद्र शर्मा के स्टूडियो को आरोपितों ने सुरक्षा अधिकारियों को दिखाया। उसके बाद तीनों के स्वीकारोक्ति बयान के एक-एक पहलुओं की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गयी है।