विदेश और रक्षा पाक आर्मी और ISI के कब्जे में, सिर्फ बिजली-पानी देखेंगे PM अब्बासी !

नई दिल्ली ( 2 अगस्त ): प्रधानमंत्री बनने से पहले ही 22 हजार करोड़ के घोटाले में एनएबी की जांच का सामना कर रहे पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री शाहिद खाक़न अब्बासी ने विदेश नीति, कश्मीर, सीपेक और आतंकवाद पर आर्मी के साथ-साथ आईएसआई को वॉक ओवर दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शाहिद खाकॉन अब्बासी की सरकार पाकिस्तान में म्यूनिसपिल सरकार की तरह काम करेगी। अब्बासी को पार्टी आर्मी और आईएसआई ने संकेत दे दिये थे कि उन्हें बिजली-पानी, गलियों-सड़कों की सफाई और आम आदमी की हिफाजत जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की विदेश नीति और रक्षा नीति पाकिस्तानी आर्मी और आईएसआई के इशारे पर काम करेगी।  इसका असर दिखाई भी देने लगा है। 

प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद अपने पहले भाषण में अब्बासी कश्मीर, सीपेक और आतंकवाद और विदेश नीति पर एक शब्द भी नहीं बोला। हालांकि, ऑटोमैटिक हथियारों के लाइसेंस रद्द किये जाने के फैसले को पाकिस्तान में डायनामिक फैसला माना जा रहा है। लेकिन जहां आलू-बैगन की तरह हथियार बिकते हों वहां एकदम प्रतिबंध लगाने का आदेश कितना कारगर होगा, कहना मुश्किल है। पाकिस्तान की मीडिया के एक बड़े वर्ग ने अभी से शाहिद खाक़न अब्बासी की शराफत के  छिलके उधेड़ने शुरु कर दिये हैं। उनके पहले भाषण पर आवामी मुस्लिम लीग के सांसद शेख राशिद ने कहा कि आपको पाकिस्तान की विदेश नीति को भी भाषण में शामिल किया होता। शेख राशिद ने कहा कि आपने नवाज शरीफ की नीतियों को आगे बढ़ाने की बात कही है लेकिन नवाज शरीफ के शासनकाल में बदहाली के कगार पर पहुंची अर्थव्यवस्था के बारे में कुछ सोचा है। पाकिस्तान सीपेक के अलावा 35 बिलियन डॉलर के कर्जे के नीचे है। उसे इस कर्ज से छुटकारा दिलाने की कोई पॉलिसी है।

पाकिस्तानी मीडिया के एक वर्ग का मानना है कि शाहिद खाक़न अब्बासी एक तरह के काम चलाऊ प्रधानमंत्री हैं। पीएमएल-एन ने उनके हाथ बांध रखे हैं। इस वक्त वो न पार्टी के खिलाफ जा सकते हैं, और न आईएसआई और आर्मी के। विदेश नीति और आतंकवाद पर जब पीएमएल-एन का पूर्णकालिक प्रधानमंत्री आयेगा तभी कुछ ठोस होगा। तब तक सब कुछ सेना और आईएसआई के हाथों में रहेगा।

पाकिस्तान की सत्ता मे उथल-पुथल के बीच आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा सीपेक, चीन और कश्मीर मुद्दों पर काफी मुखर दिये। पीएलए के 90वें सालाना जलसे में बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह और शंघाई सहयोग संगठन के विस्तार को लेकर ' अविचल समर्थन' के लिए अपने सदाबहार सहयोगी चीन का 'कर्जदार' है। जब बाजवा इन मुद्दों का जिक्र कर रहे थे तो लग रहा था कि बाजवा पाकिस्तान आर्मी के चीफ ही नहीं बल्कि पाकिस्तान सरकार के मुखिया की हैसियत से बोल रहे हैं।