नेपाल बॉर्डर पर ISI ने तैयार किया स्लीपर सेल, NIA कर रही छापेमारी

नई दिल्ली ( 20 जनवरी ): पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत में तबाही मचाने के लिए नेपाल बॉर्डर के सौ से अधिक लड़कों को अपनी जाल में फंसा रखा है। तहसीन उर्फ मोनू की गिरफ्तारी के बाद इंडियन मुजाहिद्दीन का दरभंगा मॉड्यूल फेल हो गया था। दुबई में बैठे नेपाली व्यवसायी शम्शुल होदा के माध्यम से आईएसआई नेपाल-उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिले पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी के लड़कों को लालच देकर मोतिहारी मॉड्यूल तैयार कर रहा है।

कुछ दिनों पहले पहले पकड़े गए मोती पासवान, उमाशंकर पटेल व मुकेश यादव ने यह खुलासा एनआईए, आईबी, एटीएस, रेलवे विजिलेंस सहित अन्य खुफिया एजेंसी के समक्ष किया है। तीनों ने कई नाम बताए हैं। इस पर गुरुवार को एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से घोड़ासहन व आदापुर इलाके के कई गांवों में छापेमारी की। तीनों को मोतिहारी से अलग किसी दूसरे जगह पर रख कर पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि देश के कई जगहों पर हुए रेल हादसे में कहीं न कहीं मोतिहारी मॉड्यूल ने भूमिका निभाई है।

अब खुफिया एजेंसी शम्शुल होदा के रिश्ते अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम सहित अन्य आतंकियों के साथ होने की भी जांच कर रही है। नेपाल के वीरगंज में बैठा शम्शुल का भाई भी साजिश में शामिल है। उसी के माध्यम से उसने नेपाल नागरिक ब्रजकिशोर गिरि उर्फ बाबा को चुना था।

खुफिया एजेंसी अब यह जानकारी जुटा रही है कि नेपाल व बिहार में पकड़े गए छह संदिग्धों को प्रशिक्षण कहां दिया गया था। उन्हें नेपाल या दुबई के रास्ते पाकिस्तान तो नहीं भेजा गया था। आतंकी गतिविधियों का सेंटर नेपाल में तो नहीं बनाया गया है। जांच एजेंसी इस बात की जानकारी भी जुटा रही हैं। बाबा सहित अन्य संदिग्धों के अकाउंट भी खंगाले जा रहे हैं। बिहार व नेपाल में पकड़े गए सभी छह संदिग्ध आतंकियों के मोबाइल की सीडीआर भी खंगाली जा रही है। जांच में यह पता चलेगा कि भारत, नेपाल, दुबई सहित पाकिस्तान में उनकी कहां-कहां बातचीत होती है।