आतंकी बगदादी का आका और पूरी दुनिया में जेहाद का 'मैनेजर' है ISI!

नई दिल्ली (9 फरवरी): पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक आतंकी संगठन ISIS और इसके सरगना बगदादी का आका भी ISI है। रिपोर्ट के मुताबिक ISI पूरी दुनिया में जेहाद की मैनेजर भी है।

हेडली की गवाही में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े खुलासे के बाद एक ऐसा सच सामने आया है जो पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है। पूरी दुनिया के आतंकी संगठनों के तार पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी ISI से जुड़े हो सकते हैं। दुनिया के सबसे खूंखार आंतकी और आईएसआईएस का सरगना अबु बकर अल बगदादी का भी आका आईएसआई है।

अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स के दावों की माने तो दुनिया भर के आतंकी संगठनों का लिंक पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई से है। न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा है कि बगदादी का आका भी पाकिस्तान हो सकता है।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई काफी लंबे समय से पूरी दुनिया में जेहाद को मैनेज कर रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक एक्सपर्ट्स को ऐसे कई सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि तालिबान के ऑपरेशन में पाकिस्तान ने भी मदद पहुंचाई है। आईएसआई ने लंबे अरसे से आतंकी संगठनों के 'मैनेजर' के तौर पर काम किया है, खासकर सुन्नी आतंकी गुटों के साथ। 

अखबार के मुताबिक यूरोप और मिडिल इस्ट में जेहादी ताकतों को बढ़ावा देने में पाक खुफिया एजेंसी का ही हाथ हो सकता है। इतना ही नहीं अटकलें ये भी लगाई जा रही हैं कि इस्लामिक स्टेट के बढ़ते असर में भी आईएसआई शामिल रहा है। पाकिस्तान दुनिया में खुद को आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार होने का रोना रोता रहा है। अलकायदा, लश्कर ए तैयबा, जमात उद दावा जैसे आतंकी संगठनों को पालने-पोसने से इनकार करता रहा है। लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स के खुलासे अलग ही कहानी बया कर रहे हैं।

अखबार का ये भी दावा है कि ISI आतंकी संगठनों का आका है। 'पाकिस्तान, अफगानिस्तान को अपना हिस्सा मानता है। यही नहीं अफगानिस्तान भारत के बढ़ते असर को रोकने के लिए 'पाकिस्तान ने तालिबान का इस्तेमाल किया।  पाकिस्तान, अफगानिस्तान में भारत को टिकने नहीं देना चाहता। पाकिस्तान के उसके एजेंडे को बढ़ावा देने वालों का साथ दिया। जिसने एजेंडे पर चलने से इनकार किया, उसका खात्मा किया।

अल-कायदा ही नहीं दूसरे विदेशी जेहादी गुटों पर भी पाकिस्तान ने आईएसआई के जरिये यही फॉर्मूला लागू किया। न्यूयॉर्क टाइम्स के खुलासे के बाद एक बार फिर दुनिया के सामने ये सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर दुनिया, पाकिस्तान की इस दोमुंहा हरकत पर खामोश क्यों रहती है। ऐसे में सवाल ये भी है कि आतंक का आका बना बदगादी को मदद पहुंचाने वाली आईएसआई पर कब कार्रवाई होगी?