इशरत केस के गुम फाइलों की जांच में एक बड़ा खुलासा...

नई दिल्ली (16 जून): साल 2004 के इशरत जहां एनकाउंटर केस में गुम फाइल को लेकर एक बड़े झूठ का पर्दाफाश हुआ है। अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने दावा किया है इशरत केस के गुम फाइलों की जांच के मामले में अधिकारियों ने सोचे समझे प्लान के तहत रिपोर्ट तैयार की है।

अखबार का दावा है कि इसी साल 25 अप्रैल को करीब शाम पौने चार बजे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अफसर बीके प्रसाद और संसद के हिंदी विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी अशोक कुमार के बीच बातचीत के कुछ अंश रिकॉर्ड किये है, जिसके मुताबिक बीके प्रसाद अशोक कुमार को जांच के दौरान पूछे जाने वाले सवाल और उसके तय जवाब भी बता रहे हैं।   बता दें कि इशरत जहां केस में गुम फाइलों की जांच करने के लिए बनी टीम ने एडिशनल सेक्रेटरी बीके प्रसाद की अगुवाई में जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में नतीजा निकाला गया है कि 2009 में 18 सितंबर से 24 सितंबर के बीच जानबूझ कर कुछ फाइलें गुम कर दी गई थीं। 

गौरतबल है कि जिस फाइल के गायब कर दिये जाने की जांच हो रही है उसमें 6 अगस्त 2009 को इंटेलिजेंस रिपोर्ट के हवाले से केंद्रीय गृह मंत्रालय का वो हलफनामा था, जिसमें इशरत जहां, जावेद शेख, जिशान जौहर और अमजद अली राना लश्कर के स्लीपिंग सेल के सदस्य थे।

देखिए न्यूज़24 की रिपोर्ट...

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