पंजाब में जन्मे इस खिलाड़ी से हारी टीम इंडिया, लिया कोहली का विकेट

नई दिल्ली(16 मार्च): नागपुर में वर्ल्ड टी-20 के सुपर-10 के पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 47 रनों से करारी मात दी। न्यूजीलैंड के इस जीत के हीरो रहे लेग स्पिनर ईश सोढी। सोढी ने सिर्फ़ 18 रन देकर तीन विकेट झटके। 23 साल के ईश सोढी का जन्म लुधियाना में हुआ। 

शुरुआत में आई दिक्कत

ईश सोढी की अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट में यात्रा तमाम मुश्किलों पर क़ाबू पाकर अपने जज़्बे को बरक़रार रखने की कहानी है। सोढी ने दक्षिणी ऑकलैंड में क्रिकेट खेलना शुरू किया जहां उनके माता-पिता उनके बचपन के दौरान प्रवास करके पहुंचे थे। वहां का पापाटोटो हाईस्कूल उन्हें उनके क्रिकेट के लिए नहीं जानता था।  नतीजा ये हुआ कि सोढी को स्थानीय टीमों में जगह बनाने में काफ़ी मुश्किलें पेश आईं। उन्हें ऑकलैंड की पिचों के साथ दोस्ती करने में भी समस्या आ रही थी क्योंकि वो स्पिन बॉलरों के लिए बहुत मददगार नहीं थीं। वे उन टीम कप्तानों को भी अपनी प्रतिभा का कायल नहीं कर पाए थे, जो नहीं जानते थे कि सोढी का इस्तेमाल वो कैसे करें।

 दीपक पटेल और मैट हॉर्न से ली ट्रेनिंग

मगर सोढी को ख़ुद के हुनर पर न जाने क्यों यक़ीन था। उन्होंने जल्द ही स्कूल छोड़ा और दीपक पटेल और मैट हॉर्न के साथ ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। और यही वो समय था जब उनके करियर को स्पिन मिलना शुरू हुआ। साल 2012-13 के बेहद कामयाब सीज़न के बाद सोढी ने न्यूज़ीलैंड ए के साथ अपना महाद्वीपीय दौरा शुरू किया और यही वो दौरा था जिसने न्यूज़ीलैंड टीम में उनकी जगह पक्की कर दी।

साल 2014 में खेला पहला टी-20

ईश सोढी ने अक्तूबर 2013 में बांग्लादेश दौरे पर बांग्लादेश के ख़िलाफ़ टेस्ट में अपनी पहचान बनाई और जुलाई 2014 में वह पहली बार टी-20 में वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध खेले। उसी साल नवंबर में वो पाकिस्तान टीम के ख़िलाफ़ तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ के लिए चुने गए।

पहले मैच में उन्होंने 63 रन ठोके जो उनका तब तक का बेहतरीन स्कोर था और न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम के 10वें खिलाड़ी के लिए टेस्ट में सबसे अच्छा स्कोर था। एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार वे पिछले साल अगस्त में ज़िंबाब्वे के ख़िलाफ़ मैदान में उतरे। इसी साल फ़रवरी में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हैमिल्टन में हुए एकदिवसीय मैच में उन्हें मिशेल सैंटनर को चोट लगने के बाद तीसरे स्थान पर उतारा गया।

उन्होंने मैदान पर आते ही स्टीव स्मिथ और ग्लेन मैक्सवेल के अहम विकेट झटक लिए। नतीजा ये हुआ कि उन्हें मैन ऑफ़ द मैच अवॉर्ड से नवाज़ा गया।