भारत ने इसलिए रद्द किया डोल्कन ईसा का वीजा!

बीजिंग (26 अप्रैल): चीन की सरकार ने बताया कि उसने विद्रोही नेता डोल्कन ईसा को वीजा देने को लेकर भारत के समक्ष कूटनीतिक माध्यम से अपनी चिंता जताई थी और आशा जताई कि दोनों देश इस मसले से उपयुक्त तरीके से निपटेंगे।

भारत द्वारा ईसा का वीजा रद्द किए जाने के संबंध में सवाल करने पर विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि हमने संबंधित खबर देखी है। पहले हमने देखा कि भारत डोल्कन को वीजा देने की योजना बना रहा है। इस पर हमने तुरंत भारत के समक्ष अपनी चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि डोल्कन इंटरपोल के ‘रेड नोटिस’ पर है और हम मानते हैं कि उसे न्याय की जद में लाना सभी देशों की जिम्मेदारी है।

चुनयिंग ने बताया कि वर्तमान में चीन और भारत के बीच संवाद संचार बहुत अच्छा है और हम आशा करते हैं कि दोनों देश संबंधित मुद्दों से ठीक तरीके से निपटेंगे। बाद में अधिकारियों ने बताया कि चीन ने कूटनीतिक माध्यम से अपनी चिंता भारत के समक्ष जतायी थी। उन्होंने बताया कि यह विरोध नहीं था, बल्कि चीन ने सिर्फ अपनी चिंता भारत को बतायी थी।

आपको बता दें कि डोल्कन ईसा शिंजियांग प्रांत में उइगुर मुसलमानों के अधिकारों के लिए लड़ने वाली संस्थान ‘वर्ल्ड उइगुर कांग्रेस’ (डब्ल्यूयूसी) के प्रमुख हैं। देश के विभिन्न भागों से आकर हांस में बसने के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के कारण शिंजियांग लंबे समय से अशांत बना हुआ है। तुर्कीक मूल की एक करोड़ उइगुर आबादी वाला शिंजियांग हांस की बस्तियों को लेकर लंबे वक्त से अशांत बना हुआ है।