"क्या भारत सिर्फ हिंदुओं के लिए है?"- बॉम्बे हाईकोर्ट का नागपुर नगर निगम से सवाल

नागपुर (6 अप्रैल) : बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने नागपुर नगर निगम से सवाल किया है कि "क्या भारत सिर्फ हिंदुओं के लिए हैं"। दरअसल नागपुर नगर निगम की ओर से एड्स के संबंध में एक जागरूकता कार्यक्रम में हनुमान चालीसा का पाठ करने की योजना पर कोर्ट ने यह सवाल किया है। बता दें कि नागपुर नगर निगम में बीजेपी का शासन है।

हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए नगर निगम के इस आयोजन पर नाराजगी जताई। यह कार्यक्रम नागपुर के कस्तूरचंद पार्क मैदान में हो रहा है।

जस्टिस भूषण गवई और जस्टिस स्वप्ना जोशी की खंड पीठ ने कहा, ‘"सिर्फ हनुमान चालीसा का पाठ ही क्यों, कुरान, बाइबिल और अन्य धार्मिक ग्रंथों का क्यों नहीं? एड्स जागरूकता और हनुमान चालीसा के पाठ के बीच क्या संबंध है? क्या सिर्फ हिन्दू ही एड्स से ग्रसित होते हैं? क्या हनुमान चालीसा इस घातक रोग के उन्मूलन के लिए एकमात्र उपचार है?" 

नगर निगम और कार्यक्रम के संयोजक दयाशंकर तिवारी एड्स जागरूकता और हनुमान चालीसा कार्यक्रम को अलग करने और अनुपात के हिसाब से मंच और मैदान के खर्च के भुगतान पर सहमत हो गए। दयाशंकर तिवारी नगर निकाय में सत्तारूढ़ दल के नेता हैं। कोर्ट ने नगर निगम और मंदिर ट्रस्ट से दोनों कार्यक्रमों के बीच कम से कम एक घंटे का अंतर रखने को कहा।

कोर्ट ने पूर्व पार्षद जनार्दन मून की ओर से दाखिल जनहित याचिका को खारिज कर दिया।