ISIS ने मोसुल की 800 साल पूरानी नूरी मस्जिद को उड़ाया, बगदादी ने यहीं दिया था पहला भाषण

नई दिल्ली ( 22 जून ): दुनिया के सबसे खुंखार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट(ISIS) ने मोसुल की प्रसिद्ध झुकी हुई मीनार और उससे जुड़ी मस्जिद को बुधवार को विस्फोट कर उड़ा दिया। यह जानकारी इराकी अधिकारियों ने दी है। हालांकि आईएस ने इसके लिए अमेरिकी हवाई हमले को जिम्मेदार ठहराया है। इसी मस्जिद में आईएस नेता अबू बकर अल बगदादी 2014 में पहली बार लोगों के सामने पेश हुआ था और अपनी खिलाफत की घोषणा की थी।


इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल आबदी ने कहा कि मस्जिदों को तबाह किया जाना जिहादियों की ओर से हार की आधिकारिक घोषणा है। इराकी सेना के एक शीर्ष कमांडर अब्दुलमीर याराल्लाह ने एक बयान में कहा, 'हमारे जिहादी पुराने शहर में अंदर तक उनके ठिकानों की ओर बढ़ रही है और जब वे नूरी मस्जिद के 50 मीटर के दायरे में घुस गए तो आईएस ने नूरी मस्जिद और हदबा को उड़ा कर एक और ऐतिहासिक अपराध किया।'


अमेरिका के नेतृत्व वाली सेना से मोसुल में आईएस की चार दिनों से भयंकर लड़ाई चल रही है। चौथे दिन मोसुल के इस दो विख्यात मस्जिदों को तबाह कर दिया गया। तीन साल पहले जब बगदादी ने खिलाफत की घोषणा की थी, तब से अब तक जिहादी संगठन ने इराक और सीरिया में बड़ी संख्या में धरोहर स्थलों और स्मारकों को तबाह किया है।


आईएस ने नूरी मस्जिद के साथ जिस मीनार को उड़ाया है, उसका नाम अल हब्दा है। यह नूरी मस्जिद के सामने है। मोसुल की यह लोकप्रिय इमारत थी। किसी समय इस मीनार को इराक का टावर ऑफ पिसा कहा जाता था। हब्दा के निर्माण का कार्य 1172 में पूरा हुआ था। मीनार अपने अद्भुत आकार के लिए शहर की प्रतीक सी बन गई थी और लगभग हर स्थानीय दुकानों के चिह्नों और विज्ञापनों में यह नजर आती थी।