आयरन की गोलियां खाने वाले हो जाए सावधान...

लंदन (14 फरवरी): विश्व भर में लाखों लोग खून बढ़ाने के लिए आयरन की गोलियां लेते हैं और वे इस बात से अंजान होते हैं कि ऐसी गोलियां 10 मिनट के अंदर हमारे शरीर को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं । विशेषज्ञों ने आयरन की गोलियों को बच्चों की पहुंच से दूर रखने की सलाह दी है क्योंक इसका ओवरडोज इतना खतरनाक है कि इससे बच्चों की मौत तक हो सकती है । प्राय: देखा गया है कि लोग इस शौक में भी आयरन की गोलियां लेते हैं कि उनके शरीर में खून की कमी नहीं रहे और वे स्वस्थ और सुंदर बने रहे। लेकिन ऐसा करना बेहद खतरनाक है।

नये शोध में डाक्टरों को दवा की खुराक लिखते समय सावधानी बरतने का सलाह दी गई है । लंदन इंपीरियल कॉलेज में नेशनल हार्ट एडं लंग इंस्टीटयूट के डॉ़ क्लेर शोवलिन ने अपने अनुसंधान में यह बात कही है। डॉ़ शोवलिन के अनुसार पुरूष को एक दिन में 8.7मिलीग्राम और महिला को 14.8 मिलीग्राम आयरन की खुराक की आवश्यकता होती है और आयरन की यह खुराक हम अपने दैनिक उपयोग की वस्तुओं से प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि 100 ग्राम मांस में तीन ग्राम आयरन पाया जाता है जबकि इतने ग्राम पालक में 2.7 ग्राम आयरन मिलता है। डॉ़ शोवलिन की टीम प्रयोगशाला में छह घंटे के प्रयोग में इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आयरन की गोलियां तेजी से हमारी रक्त धमनियों को नुकसान पहुंचाती हैं और यह हमारे डीएनए के काम को भी प्रभावित करती हैं।  डाक्टरों की टीम के अनुसार प्रयोगशाला में किए गए अनुसंधान में देखा गया कि कोशिकाओं में आयरन का द्रव डालने पर 10 मिनट के अंदर इन्हें नुकसान पहुंचने लगा।

यही नहीं छह घंटे के बाद यह कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने का काम जारी था। व्यक्ति के शरीर की सभी कोशिकाओं में डीएनए रिपेयर सिस्टम होता है। प्रयोग के दौरान यह बात सामने आई कि कोशिकाओं में आयरन का द्रव मिलाए जाने के पर इस रिपेयर सिस्टम को काम करने में सामान्य से अधिक ताकत लगानी पड़ती है। इससे इसकी पुष्टि होती है कि पहले के अनुमानों के उलट हमारी कोशिकाएं आयरन के प्रति बेहद संवेदनशील होती हैं।

टीम ने यह भी कहा कि डाक्टरों को आयरन की गोलियां लिखते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। जो व्यक्ति खून की भारी कमी से जूझ रहा है उसे उसकी आवश्यकता के अनुसार ही खुराक मिलनी चाहिए और भरसक कोशिश होनी चाहिए कि प्राकृतिक स्रोतों से आयरन की कमी पूरी हो जाए।