फौलादी मंसूबों से टॉपर बनी एक लोहार की बेटी, आज है आदर्श गांव ब्रैंड एम्बेसडर

नई दिल्ली (9 जनवरी): राजस्थान के नीमकाथाना में लोहार का काम करने वाले मुन्ना की मेहनत और उनकी बेटी रेहाना का जज्बा, बेटियों को बोझ समझने वालों के लिए सबक है। पिता के साथ लोहा पीटने वाली रेहाना को 12वीं में 96 परसेंट मार्क्स मिले। कॉलेज टॉपर बनी। अब रेहाना चला आदर्श गांव की ब्रांड एंबेसडर है। पढ़ाई छोड़ चुकी 24 बेटियों को रेहाना शिक्षा से जोड़ चुकी है।

- इसकी शुरुआत 20 साल पहले हुई जब मुन्ना लोहार और उनकी पत्नी जमीला चला में आकर बसे।

- उन्होंने यहां लोहे के औजार बनाने का काम शुरू किया। पाई-पाई बचाकर रेहाना का एडमिशन सरकारी स्कूल में कराया।

- रेहाना ने भी पिता की मेहनत जाया नहीं जाने दी। पढ़ाई में रात-दिन एक कर दिए।

- 2012-13 में 96 परसेंट मार्क्स के साथ 12वीं और 70 परसेंट मार्क्स के साथ कॉलेज टॉप किया।

- रेहाना अब प्राइवेट कॉलेज में अंग्रेजी से एमए कर रही हैं। साथ ही ब्रांड एंबेसेडर की जिम्मेदारी भी निभा रही है।

- गांव के सरपंच बीरबल काजला बताते हैं कि रेहाना ग्रामीणों को बेटियों को पढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं।

- हालांकि इन सबके बीच अब भी रेहाना ने काम में पिता का हाथ बंटाना नहीं छोड़ा।

- इतना ही नहीं रेहाना गांव की बहू और बेटियों को भी पढ़ाई से वापस जोड़ने में जुटी हैं।

- स्कूल छोड़ चुकी 24 बच्चियों को वापस स्कूल में एडमिशन दिला चुकी हैं।

- वहीं गांव की बहुओं को आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा करने के लिए प्रेरित कर रही है।

- गांव की 17 बहुएं रेहाना के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है।