क्या इरोम शर्मीला का 16 साल का अनशन जाएगा बेकार? पहचान का कोई दस्तावेज नहीं है पास

नई दिल्ली (23 अगस्त): मणिपुर में AFSPA हटाने की मांग को लेकर पिछले 16 साल से इरोम शर्मिला अनशन कर रही थीं। जिसे हाल ही में उन्होंने खत्म कर राजनीति में आने का ऐलान किया। उनसे जुड़ी हैरान करने वाली एक खबर आई है। इरोम शर्मिला के पास उनकी पहचान दिखाने के लिए कोई भी आधिकारिक दस्तावेज नहीं है।  

- एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक इरोम शर्मिला के पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है। जिससे वह यह साबित कर सकें कि वो भारत की नागरिक हैं। - इरोम के पास ना तो पैन कार्ड है और ना ही बैंक अकाउंट यहां तक की उनके पास वोटर आईडी कार्ड भी नहीं है जो कि चुनाव लडऩे के लिए अनिवार्य होता है। - गंभीर बात यह है कि अगर इरोम ने जल्द से जल्द इन चीजों का इंतजाम नहीं किया तो वह चुनाव ही नहीं लड़ पाएंगी।  - पिछले दिनों भूख हड़ताल खत्म करने के साथ ही इरोम ने एलान किया था कि वो चुनाव लड़ेंगी और सत्ता में पहुंचकर अपनी मांगों को उठाएंगी। - ऐसे में इन दस्तावेजों के बिना इरोम का चुनाव लड़ पाना नामूमकिन है। - शर्मिला के एक दोस्त का कहना है, 'चुनाव लडऩे के लिए जनता से पैसा जुटाना होगा।  - इसके लिए बैंक खाता चाहिए, जो बिना पैन कार्ड के संभव नहीं। इसके लिए बिना मतदाता पहचान पत्र के चुनाव लडऩे के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। - इरोम शर्मिला ने 4 नवंबर, 2000 में आमरण अनशन शुरू किया था। - उस वक्त कथित रूप से असम राइफल के जवानों ने इंफाल एयरपोर्ट के पास बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहे 10 लोगों को गोलियों से भून डाला था। - इसके बाद से इरोम शर्मिला लगातार एएफएसपीए को मणिपुर से हटाने की मांग कर रही है।