टी-20 टीम में हो सकती है इरफान पठान की वापसी

नई दिल्ली (2 फरवरी): हो सकता है आने वाले विश्‍व कप की टीम में इरफान पठान को शामिल कर लिया जाए। दरअसल ऐसा नहीं है कि धोनी के दिमाग में ये लेफ्ट आर्म रणनीति ने हाल ही में जन्म लिया हो। दरअसल धोनी को अपने कप्तानी करियर की शुरुआत से ही लेफ्ट आर्म गेंदबाजों का खूब साथ मिला। तभी तो 2007 और 2011 को दोहराने के लिए धोनी लेफ्ट आर्म को ही राइट च्वाइस बता रहे हैं।

वर्ल्ड कप 2007 के फाइनल में एक राइट आर्म गेंदबाज ने मिस्बाह उल हक का बेहद अहम कैच उछलवाया और टीम इंडिया विश्व विजेता बन गई। लेकिन फाइनल में भारत को ट्रॉफी दिलाने वाला मुख्य हथियार लेफ्ट आर्म गेंदबाज इरफान पठान ही था। जी हां, मैन ऑफ द मैच पठान ही थे जिनकी कातिलाना गेंदबाजी की वजह से भारत पाकिस्तान को हरा पाया। सिर्फ पठान ही नहीं बल्कि पूरे वर्ल्ड कप में एक और लेफ्ट आर्म पेसर आरपी सिंह ने तहलका मचाया। आरपी सिंह ने हर एक अहम मौके पर टीम इंडिया को सफलता दिलवाई।

यानि शुरू से ही कप्तान धोनी को लेफ्ट आर्म गेंदबाज काफी रास आते हैं। इसके अलावा 2011 वर्ल्ड कप में भी लेफ्ट आर्म पेसर जहीर खान और आशीष नेहरा ने टीम इंडिया को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। यहीं कारण है कि धोनी 2016 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भी अफनी टीम में लेफ्ट आर्म गेंदबाजों की एक अच्छी फौज चाहते हैं।

अगर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के ताजा हालातों के बारे में भी देखें तो हाल फिलहाल में मिचेल स्टार्क, ट्रेंट बोल्ट या फिर जेम्स फॉकनर जैसे गेंदबाज क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप में खासे कामयाब रहे हैं। आशीष नेहरा और पवन नेगी को टी-20 टीम में जगह देकर धोनी ने बता दिया कि कई और लेफ्ट आर्म गेंदबाजों के लिए रास्ते खुल गए हैं और ऐसे में अगर अगले 1 या 2 महीने में आपको इरफान पठान टीम में नजर आएं तो चौंकिएगा मत। 2007 टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे पठान घरेलू क्रिकेट में अव्व्ल प्रदर्शन कर रहे हैं।

इरफान ने सैयद अली मुश्तान ट्रॉफी में सबसे ज्यादा 17 विकेट लिए हैं। साथ ही बल्ले से भी वो कमाल कर रहे हैं। आंकड़े साफ बताते हैं कि कप्तान धोनी का जादू लेफ्ट आर्म गेंदबाजों के साथ मिलकर खूब चलता है। और जिस तरह की रणनीति वो वर्ल्ड कप के लिए बना रहे हैं सचमुच अब ट्रॉफी तो धोनी के धुरंधर अपने बाएं हाथ के कमाल से ही ले आएंगे।