IRCTC ने खारिज किया वेबसाइट के हैक होने की बात

नई दिल्ली (5 मई): वेबसाइट हैक होने के बाद  IRCTC हरकत में आ गया है। IRCTC की ओर से पूरे मामले की जांच के लिए 6 लोगों की टीम बना दी गई है। साथ ही  IRCTC ने महाराष्ट्र सरकार से हैकर्स के बारे में पूरी जानकारी मांगी है। हालांकि, इंडियन रेलवे ने अपनी वेबसाइट के हैक होने की खबर को खारिज कर दिया है।

इससे पहले यह खबर मिली थी कि  IRCTC की वेबसाइट हैक कर लगभग एक करोड़ पैसेंजर्स का पर्सनल डेटा चोरी कर लिया गया है। इस बीच रेलवे यात्रियों की जानकारी बेचने की शि‍कायत जरूर आई है। आईआरसीटीसी से सीएमडी एके मनोचा ने कहा, 'हमारी वेबसाइट हैक नहीं हुई है. हालांकि डेटा चोरी को लेकर जो बात हो रही है, उस बारे में हम जांच के बाद ही कुछ कह पाएंगे।'

आपको बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) ने आईआरसीटीसी की वेबसाइट के हैक होने की बात कही थी। इससे करीब एक करोड़ लोगों के पर्सनल डाटा के चोरी होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक हैकर्स से चोरी का डाटा मार्केटिंग कंपनियां खरीद रही हैं जिसका इस्तेमाल वो टेली मार्केटिंग कॉल्स के लिए कर रही हैं। आईआरसीटीसी भारत की सबसे बड़ी ई कॉमर्स वेबसाइट है, जहां रोजाना करोड़ा का लेनदेन होता है। 

दरअसल आईआरसीटीसी की वेवसाइट पर लोग रिजर्वेशन के दौरान अपनी पर्सनल जानकारियां देते हैं। जिसमें पैन कार्ड नंबर, फोन नंबर और नाम का जिक्र होता है। ऐसे में हैकर्स चोरी के डाटा से फर्जी डॉक्युमेंट भी बना सकते हैं।

हैकिंग की खबर के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आईआरसीटीसी और रेलवे बोर्ड को अलर्ट जारी किया था। मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने हैकर्स की पहचान कर ली है। इधर सीएमडी मनोचा ने कहा कि पैसेंजर्स के पर्सनल डेटा चोरी होने की बात कही जा रही है जिसकी चोरी पीएनआर स्टेटस चेक करके भी जुटाई जा सकती है। बता दें कि वेबसाइट पर हर दिन 30 से 40 मिलियन लोग पीएनआर स्टेटस चेक करते हैं।

आईआरसीटीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया है। आईआरसीटीसी के अनुसार, 'मुंबई के आईजी साइबर क्राइम ने 2 मई को पश्चि‍म रेलवे के सीसीएम को इस बाबत शि‍कायत भेजी। इसमें कहा गया कि रेलवे यात्रि‍यों को डेटा ऑनलाइन बेचा जा रहा है। सीसीएम ने इस शि‍कायत के बारे में रेलवे बोर्ड को जानकारी दी। बुधवार को रेलवे बोर्ड ने बैठक बुलाई और मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया। इस समिति में तीन आईआरसीटीसी के अधि‍कारी और तीन सीआरआईएस के अधि‍कारी शामिल हैं। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।'