दो हफ्ते बाद फललुज़ा में आगे बढ़ी इराकी फौजें

नई दिल्ली (9 जून): दो हफ्तों से फल्लुज़ा में डेरा डाल कर बैठी इराकी फौजों ने गुरुवार सुबह आगे बढना शुरु कर दिया है। इराकी फौजें शुगाढा में घुस चुकी हैं। इराकी फौजों को आगे बढ़ते देख हजारों नागरिक भी आईएसआईएस के चंगुल से निकल कर फुरात नदी तट की ओर दौड़ पड़े हैं।

इसी रास्ते से नागरिक सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। इराकी फोर्सेस के डिप्टी माण्डर जनरल हादी ज़ायद कस्सार ने कहा है कि फल्लुजा़ को आईएसआईएस सत्ता का प्रतीक मानता है। इस को फिर से कब्जे में करना सबसे मुश्किल लक्ष्यों में से एक है।

कस्सार ने बताया कि आर्टिलरी और रॉकेट फायरिंग के बाद प्रतिरोध कम मिसने पर ब्लैक हम्वी यूनिट का एक दस्ता शुगाढा़ के लो राइज़ बिल्डिंग्स के बीच से धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इराकी काउंटर टेररिस्ट फोर्स की मदद कर रहे शिया मिलिशिया और अन्य पैरा मिलिट्री फोर्सेस ने फल्लुज़ा से निकलने वाले सभी रास्तों पर नाके लगा दिये हैं।

उन्हें फल्लुजा़ के बाहरी इलाकों से आईएसआईएस को खदेड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। आईएसआईएस के आतंकियों ने फल्लुजा़ के रास्तों में बम बिछा रखे हैं, इराकी फौजों पर हमले करने और भाग निकलने के लिए सुरंगे खोद रखीं हैं।

इराकी सेनाओँ को ज्यादा नुकसान न हो इसलिए सिर्फ काउंटर टेररिस्ट दस्ते ही आईएसआईएस पर हमलों की अगुवाई कर रहे हैं।