इराक पर दरियादिली, ट्रंप ने लिया यू-टर्न

नई दिल्ली(1 मार्च):अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया आव्रजन आदेश इराक देशों की सूची से हटा देगा, जिनके नागरिक अस्थायी तौर पर अमेरिकी यात्रा प्रतिबंध का सामना कर रहे हैं।

- चार अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन का फैसला पेंटागन और विदेश मंत्रालय की ओर से दबाव के बाद आया है।

- उन्होंने व्हाइट हाउस से अपील की थी कि वह इस्लामिक स्टेट समूह से लड़ाई में इराक की अहम भूमिका को देखते हुए सूची से इराक का नाम रखने के मुद्दे पर पुन: विचार करे।

- नया आदेश ट्रंप के पूर्व शासकीय आदेश की जगह ले सकता है। पुराने आदेश पर संघीय अदालतों ने रोक लगा दी थी।

- रिपोर्ट के मुताबिक   ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन यात्रा प्रतिबंध सूची में बने रहेंगे।

- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (17 फरवरी) को कहा कि उनके पूर्ववर्ती आदेश पर अदालत द्वारा जताई गई चिंताओं के समाधान के लिए वह अगले सप्ताह एक नया शासकीय आदेश जारी करेंगे। ट्रंप ने पहले एक आदेश जारी करके सीरियाई शरणार्थियों और मुस्लिम बहुल सात देशों के लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी थी।

- ट्रंप ने आनन फानन में व्हाइट हाउस में आयोजित किए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘नया (शासकीय) आदेश उस निर्णय के अनुसार तैयार किया जा रहा है जो मुझे लगता है कि एक खराब फैसला था लेकिन हम उस फैसले के अनुरूप आदेश तैयार कर सकते हैं।’ इसके कुछ ही देर बात न्याय विभाग ने कार्यवाही को रोकने के लिए सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में अनुरोध किया। नाइंथ यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने बीते गुरुवार (16 फरवरी) को मामले में कार्यवाही को रोक दिया।

- अदालत ने ट्रंप के शासकीय आदेश पर सीएटल की एक संघीय अदालत द्वारा लगाई गई रोक को हटाने से पिछले सप्ताह इनकार कर दिया था। ट्रंप ने 27 जनवरी को शासकीय आदेश दिया था कि ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के लोगों पर 90 दिनों तक अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध होगा और शरणार्थियों के प्रवेश पर 120 दिनों का प्रतिबंध होगा। सीरिया के शरणार्थियों पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगाया गया। ट्रंप ने कहा कि उनका नया शासकीय आदेश तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘देश के कुछ सर्वश्रेष्ठ वकील इस पर काम कर रहे हैं और नए आदेश को अदालत के फैसले के अनुसार तैयार किया जा रहा है।’ हालांकि उन्होंने नए आदेश की विस्तृत जानकारी नहीं दी।