इराक और सीरिया में अमेरिकी बमबारी में 350 से ज्यादा की मौत


नई दिल्ली(1 मई): इराक और सीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिकी हमले में 2014 से अब तक 350 नागरिकों की मौत हो चुकी है। पेंटागन द्वारा जारी किए गए ये आंकड़े 2014 की शुरुआत से लेकर अब तक के हैं।


- अमेरिका ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई के दौरान इन नागरिकों की मौत हुई। अमेरिकी सेना द्वारा दिए गए ये आंकड़े मानवाधिकार संगठनों द्वारा बताई जाने वाली संख्या से काफी कम हैं।


- मॉनिटरिंग संगठन एयरवॉर्स का कहना है कि US गठबंधन द्वारा किए जाने वाली बमबारी के कारण अब तक 3,000 से अधिक आम लोगों की जान जा चुकी है।


- कंबाइंड जॉइंट टास्क फोर्स ने अमेरिकी गठबंधन द्वारा की जाने वाली बमबारी में मारे जाने वाले आम लोगों की संख्या से जुड़े अपने मासिक रिपोर्ट में कहा है कि निर्दोष नागरिकों की मौत से जुड़े 42 रिपोर्ट्स का अभी वह आकलन कर रहा है।


- टास्क फोर्स ने बताया कि नवंबर 2016 से लेकर मार्च 2017 के बीच करीब 45 मासूम नागरिक इन हवाई हमलों के शिकार हुए। मार्च के महीने में हुए 3 अलग-अलग हमलों में मारे गए 26 लोगों को भी इस रिपोर्ट में शामिल किया गया है।


- पेंटागन ने एक बयान जारी कर कहा, 'ये सभी मौतें अनजाने में हुईं। हमें इन लोगों के मरने का बहुत अफसोस है। इन हमलों में मारे गए लोगों के परिवारों और बाकी प्रभावित लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है।' इस रिपोर्ट में 17 मार्च को मोसुल शहर में हुई बमबारी से जुड़ी जांच का आंकड़ा शामिल नहीं किया गया है। इस हमले में 100 से ज्यादा नागरिकों की जान गई थी। पिछले महीने अमेरिका ने यह तो माना था कि गठबंधन सेना ने मोसुल के उस इलाके में बम गिराए, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों के मारे जाने की खबर थी, लेकिन उसकी ओर से इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि 17 मार्च को हुई बमबारी में एक इमारत गिर गई थी और इमारत के अंदर छुपे 120 से ज्यादा लोग मारे गए थे।


- अमेरिका ने बाद में कहा था कि वह इस मामले की जांच करेगा। गठबंधन सेना के अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि यह जांच कब तक पूरी हो जाएगी। इस घटना के सामने आने पर संयुक्त राष्ट्र ने भी काफी नाराजगी जताई थी। मोसुल में 3 लाख से ज्यादा निर्दोष नागरिकों के फंसे होने की बात कही जा रही है। UN ने अपील की है कि इतनी बड़ी तादाद में लोगों के वहां फंसे होने के कारण मोसुल के अंदर सैन्य कार्रवाई करते हुए इराकी फौज और गठबंधन सेना काफी एहतियात बरते। UN के मुताबिक, फरवरी में जब से पश्चिमी मोसुल को IS के नियंत्रण से निकालने की सैन्य कार्रवाई शुरू हुई है, तब से उसने करीब 2,000 लोगों का ट्रॉमा का इलाज किया है। अक्टूबर 2016 में इराक और अमेरिकी गठबंधन सेना ने मोसुल में अपना सैन्य अभियान शुरू किया था।


- इराकी फौज ने जनवरी में कहा था कि पूर्वी मोसुल को IS के कब्जे से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है। उसके बाद से दोनों पक्षों के बीच पश्चिमी मोसुल पर कब्जे को लेकर लड़ाई चल रही है। इस इलाके में IS ने अपने बचाव के लिए लाखों नागरिकों को बंधक बनाकर रखा हुआ है। शहर का यह इलाका काफी पुराना है और यहां की सड़कें-गलियां काफी संकरी और तंग हैं। यह बेहद सघन आबादी वाला इलाका है, जहां घर एक-दूसरे से एकदम सटे हुए हैं। IS लड़ाकों ने गलियों को ऊपर से ढक दिया है, ताकि ऊपर से हवाई बमबारी करने वाली गठबंधन सेना आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना ना बना सके। इन सब कारणों से यहां लड़ाई काफी धीमी हो गई है।