इंडिया के बासमती से महकती है ईरान की बिरयानी- तेहारान खरीदेगा 7 लाख टन चावल

नई दिल्ली (4 फरवरी):  ईरान की सरकार भारतीय बासमती चावल के आयात के लिए जल्दी ही फिर से परमिट जारी करने की अधिसूचना जारी कर सकती है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि ईरान प्रतिवर्ष 10 लाख टन चावल का आयात करता था, जिसमें से लगभग सात लाख बासमती चावल का आयात भारत से किया जाता था। ईरान में भारतीय बासमती चावल के बाजार को मजबूत करने के लिए कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के अध्यक्ष के नेतृत्व में 20 सदस्यीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल पिछले साल 28 से 30 जनवरी तक ईरान के दौरे पर गया था।

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य चावल के निर्यात को बढ़ावा देना था क्योंकि ईरान भारत से बासमती चावल के सबसे बड़े आयातकों में से एक है।

ईरान के यात्रा के दौरान तेहरान में आयोजित किए गए बिक्री संवर्धन कार्यक्रम में लगभग 250 लोगों ने भाग लिया। इनमें आयातक और निरीक्षण एजेंसियां और खाद्य एवं औषधि संगठन (एफडीओ) आदि के अधिकारी शामिल थे।

इस दौरान लगभग साढ़े तीन मिनट की अवधि की फिल्म दिखाई गई जिसमें बासमती की खेती, प्रसंस्करण, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र किए जाने और भारतीय चावल के जीएमओ मुक्त होने के आश्वासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने ईरान की सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मुलाकात की जिनमें खाद्य एवं औषधि संगठन, सरकारी व्यापार निगम और व्यापार संवर्धन संगठन भी शामिल हैं।

ईरान के वाणिज्य मंडल और चावल आयातकों के संघ के साथ भी बैठकें आयोजित की गईं। इस दौरान हुए विचार-विमर्श के परिणामस्वरूप भारत से आयातित चावल से स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के संभावित खतरों को लेकर ईरान के मीडिया के एक वर्ग में हो रहे नकारात्मक प्रचार को दूर करने में मदद मिली।