भारत और ईरान के बीच हुआ चाबहार समझौता

तेहरान (23 मई): भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय ईरान दौरे पर गए हैं। यहां पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद भारत और ईरान के बीच चाबहार समझौता हुआ है। इस समझौते के बाद भारत को अफगानिस्तान जाना आसान हो जाएगा।

चाबहार पोर्ट को भारत 18 महीनों के भीतर विकसित करेगा, जिसके बाद भारत सीधे ईरान से व्यापार कर सकेगा और इसी पोर्ट के जरिए भारत अपना माल अफगानिस्तान को भी भेज सकता है। चाबहार ईरान का बंदरगाह है। इसी के साथ अब ईरान से तेल आयात करने में भी भारत को आसानी होगी।

इन समझौतों के बाद भारत-ईरान ने संयुक्त बयान दिया। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने संयुक्त बयान में कहा कि पीएम मोदी और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत है। हमने भारत के साथ रिश्तों को हमेशा अहमियत दी है। आज हमारे पास इस रिश्ते को मजबूत करने का और मौका है। रुहानी ने कहा कि चाबहार समझौता दोनों देशों के आपसी सहयोग की दिशा में बहुत बड़ा प्रतीक साबित हो सकता है।

वहीं मोदी ने कहा कि ईरान बुलाने के लिए मैं तहेदिल से राष्ट्पति रुहानी का धन्यवाद करता हूं। शानदार स्वागत के लिए ईरान का शुक्रिया, हम एक दूसरे के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।  ईरान के साथ समझौतों से नया अध्याय शुरू होगा। चाबहार पोर्ट के लिए 500 मिलियन  डॉलर का निवेश होगा।

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि चीन, ईरान और अमेरिका के बीच की दूरियों का फायदा अपने लिए उठाना चाहता है, लेकिन भारत इस मामले में आगे है। कल्चर के तौर पर भी भारत और ईरान काफी करीब हैं। मोदी को ईरान आने का न्योता खुद वहां के राष्ट्रपति ने दिया है। ईरान रेलवे और आईटी सेक्टर में भारत से पहले ही मदद मांग चुका है।