ईरान ने ट्रंप के आदेश को बताया इस्लामिक दुनिया का अपमान

नई दिल्ली ( 29 जनवरी ): ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर पाबंदी लगाने की कडी आलोचना की है। ईरान ने ट्रंप के आदेश को 'इस्लामिक दुनिया का अपमान' बताया है और साथ ही कहा है कि इसके जवाब में वो अमरीकी लोगों के भी ईरान आने पर पाबंदी लगाएगा।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके मुस्लिम देशों के नागरिकों के लिए अमरीका की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के ट्रंप सरकार के फैसले को इस्लामी जगत और ईरानी राष्ट्र का अपमान बताया है।

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी करके कहा कि मुसलमानों के अमेरिका की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के ट्रंप सरकार का निर्णय, आतंकवाद से मुकाबले के दावे और अमेरिकी जनता की सुरक्षा के दावों के बावजूद, इतिहास में चरमपंथियों और उनके समर्थकों के लिए उपहार के रूप में दर्ज होगा।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ऐसी स्थिति में कि जब विश्व समुदाय को चरमपंथ और हिंसा को समाप्त करने के लिए वार्ता और विचार विमर्श की आवश्यकता है और जब संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने आतंकवाद और हिंसा के विरोध में दुनिया की भागीदारी के ईरान के प्रस्ताव को पास कर दिया है, अमेरिका का बिना सोचा समझा कदम, कुछ इस्लामी देशों के नागरिकों के विरुद्ध भेदभाव करने से हिंसा और चरमपंथ के प्रचार व प्रसार के लिए भूमि प्रशस्त करेगा।

ईरान के विदेश मंत्रालय के बयान कहा गया है कि ईरानी जनता को निशाना बनाने और निराधार आरोप लगाकर उनका अपमान करने का अमेरिकी सरकार का फैसला और ईरानी जनता से दोस्ती पर अधारित अमेरिकी दावों के निराधार होने की पोल खुल गयी है और इससे पता चल गया कि अमेरिका में सत्तासीन गुट ईरानियों से किस सीमा तक द्वेष रखता है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के बयान में बल दिया गया है कि ईरानी राष्ट्र न किसी भी आतंकवादी कार्यवाही में लिप्त रहा है जबकि जिस देश में भी छात्र, प्रोफेसर, व्यापारी और पर्यटक के रूप में यात्रा की वहां पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।