ईरान परमाणु समझौता: डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर रूस ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली ( 14 अक्टूबर ): ईरान के खिलाफ सख्त कदम दिखाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2015 के ईरान परमाणु समझौते को बड़ा झटका दिया है। ट्रंप ने इस समझौते को प्रमाणित नहीं करते हुए इसे कांग्रेस के पास भेज दिया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को प्रमाणित न करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को अफसोसजनक कहा है। रूस का कहना है कि ईरान इस समझौते का कड़ाई से पालन कर रहा है। ट्रंप ने ईरान पर परमाणु समझौते का कई बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में आक्रामक और धमकीपूर्ण बयानबाजी अस्वीकार्य है। वहीं, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के इस फैसले पर उनकी तारीफ की है।

रूसी विदेश मंत्रालय बयान के मुताबिक, अन्य देशों के बुनियादी सुरक्षा हितों को प्रभावित करने वाली विदेश नीति से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए उठाए गए ऐसे कदम कभी सफल नहीं हो सकते। बयान में कहा गया, ‘ईरान परमाणु समझौते का कड़ाई से पालन कर रहा है, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी जिसकी नियमित तौर पर पुष्टि करता रहा है।’ रूसी मंत्रालय के अनुसार, बहुपक्षीय JCPOA पहले से ही अंतर्राष्ट्रीय शांति और स्थिरता को मजबूत करने में योगदान देता रहा है। मंत्रालय ने कहा कि रूस JCPOA के प्रति प्रतिबद्ध है और इसके तहत अपने दायित्वों को पूरा करता रहेगा। रूसी मंत्रालय ने अन्य JCPOA के अन्य प्रतिभागियों से भी ऐसा करने का आग्रह किया है।