अमेरिका ने ईरान को मिसाइल परीक्षण पर जारी किया नोटिस, परिणाम भुगतने की दी चेतावनी

नई दिल्ली ( 2 फरवरी ):  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लाइन ने आज कहा कि अमेरिका ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण को ‘अस्थिर करने वाली गतिविधि’ मानते हुये आधिकारिक नोटिस जारी किया है।  पिछले ओबामा प्रशासन की तुलना में इस्लामी देश के खिलाफ अधिक कड़े रख का संकेत देते हुए माइकल फ्लिन ने कहा, हम आज से आधिकारिक रूप से ईरान को नोटिस पर रख रहे हैं।

अमेरिका ने इरान को नुकसान पहुंचाने वाली इस कार्रवाई के लिए परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इस कदम के साथ अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ कड़े रुख अपनाने के संकेत दे दिये हैं और यह रुख दोनों देशों के बीच नये सिरे से टकराव का मंच तैयार कर सकता है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन ने कहा, ‘हम आज से आधिकारिक रूप से ईरान को नोटिस पर रख रहे हैं।’ इस घोषणा से इस बात का संकेत मिला है कि ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध बनाने की पूर्व ओबामा प्रशासन की नीति पर पानी फिर सकता है। इस नीति के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 में बहुराष्ट्रीय परमाणु समझौता हुआ था।

फ्लिन ने कहा कि रविवार को ‘उकसाने वाला’ कार्य करते हुये बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण करने और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के एक नौसैनिक पोत पर हमला करने जैसे हालिया ईरानी कदम क्षेत्र में ‘ईरान के अस्थिर करने वाले व्यहवार को रेखांकित करते हैं और यह बात अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट होनी चाहिए।’ सलाहकार ने कहा कि ईरान द्वारा मिसाइल का प्रक्षेपण किया जाना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 का उल्लंघन है। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद ईरान का यह पहला मिसाइल प्रक्षेपण है।

इससे पहले ईरान ने बुधवार (1 फरवरी) को पुष्टि की कि उसने बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है लेकिन साथ ही इनकार किया कि यह विश्व शक्तियों के साथ वर्ष 2015 के परमाणु करार का उल्लंघन है। ईरान के रक्षा मंत्री हुसैन दहकान की यह टिप्पणी सप्ताहांत के ईरानी मिसाइल परीक्षण पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंगलवार (31 जनवरी) की चर्चा के बाद आई है। दहकान ने कहा, ‘यह कार्रवाई ईरान की रक्षा शक्ति को बढ़ाने के लिए थी और यह जेसीपीओए (परमाणु करार) या प्रस्ताव 2231 का अंतरविरोधी नहीं है।’