#Pakistan पर दोतरफा वार, अब ईरान ने PAK पर दागे मोर्टार, जानिए भारत-ईरान की दोस्ती से क्यों डरा PAK...

डॉ. संदीप कोहली

नई दिल्ली (30 सितंबर) : पुरानी कहावत है 'मुसीबत जब भी आती है अकेले नहीं आती'। ऐसा ही कुछ आजकल पाकिस्तान के साथ हो रहा है। 28 और 29 सितंबर की तारीख पाकिस्तान के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। एक तरफ भारत ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान को रूला दिया तो दूसरी तरफ ईरान ने भी पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर हमला कर दिया। 

भारतीय सेना ने पीओके में घुसकर 40 आतंकियों को ढेर कर दिया तो उसी समय पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर ईरान ने तीन मोर्टार दाग दिए। बताया जा रहा है कि ईरान के सुरक्षा सैनिको ने बलूचिस्तान से लगी सरहद पर पंजगूर जिले में यह फायरिंग की है। फायरिंग के बाद इलाके में दहशत फैल गई। 

पाकिस्तान के अखबार डॉन के अनुसार दो गोले फ्रंटियर कोर के चेकपोस्ट के पास गिरे जबकि तीसरा किल्ली करीम दाद में गिरा। हालांकि इस हमले में किसी के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इस घटना से ईरान-पाकिस्तान की सीमा पर तनाव जरूर बढ़ गया है।

ईरान-पाकिस्तान सीमा विवाद... - ईरान के बॉर्डर गार्ड्स की पाकिस्तान पर यह कार्यवाही कोई नई नहीं है।  - बलूचिस्तान सीमा में ऐसी कार्रवाई पहले भी कर चुके हैं।   - पिछले साल 17 अक्टूबर को ईरान के बॉर्डर गार्ड्स ने 8 मोर्टार दागे थे।  - उस हमले में भी कोई हताहत नहीं हुआ था।  - इसके बाद पिछले साल ही 21 नवंबर को भी 4 मोर्टार दागे गए थे। - गौरतलब है कि पाकिस्तान और ईरान के बीच 900 किलोमीटर की सीमा है। - दोनों देश एक दूसरे पर सीमापार से फायरिंग का आरोप लगाते रहे हैं।  - हालांकि सरहदी इलाकों से आतंकियों के सफाये के लिए दोनों देशों के बीच 2014 में एक समझौता किया। - लेकिन पाकिस्तान ने समझौते को कभी नहीं माना और खुफिया जानकारी साझा नहीं की।

पाकिस्तान ईरान को दे चुका है परमाणु बम की धमकी... - सऊदी अरब और ईरान के बीच छिड़े विवाद में कूदते हुए पाकिस्तान ने ईरान को दी थी बड़ी धमकी। - पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल रहील शरीफ ने कहा वो ईरान का नामोनिशान मिटा देगा। - शरीफ ने कहा कि अगर ईरान ने सऊदी अरब को डराने-धमकाने की कोशिश की है। - उसकी आजादी खतरे में डाली तो पाकिस्तान ईरान को दुनिया के नक्शे से मिटा देगा।

भारत-ईरान की दोस्ती से डरा PAK...

- पाकिस्तान को अब ईरान से भी डर लगने लगा है। - यही कारण है कि सीमा पर बड़े-बड़े सुरक्षा गेट बनाने शुरू कर दिए है।  - जानकारों का मानना है कि भारत-ईरान के बढ़ते दोस्ताना संबंधों से पकिस्तान तनाव और दबाव में है।  - गौरतलब है कि तोरखम सीमा पर सुरक्षा द्वार के निर्माण को लेकर पहले से ही तनाव जारी है। - ईरान ने भी पाक के साथ सटी अपनी सीमा में विभिन्न स्थानों पर 10 फुट ऊंची दीवारें भी बनवाई हैं।

चाबहार पोर्ट पर हुई डील से डरा PAK... - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी साल 22-23 मई को ईरान दौरे पर गए थे। - जहां उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा दांव चला कि पाक के साथ-साथ चीन की भी रातों की नींद उड़ गई। - अब न तो चीन की चालबाजी चलेगी और न ही पाकिस्तान का पैतरा।  - भारत ने ईरान के साथ चाबहार पोर्ट को लेकर एक बड़ा समझौता किया है।  - चाबहार पोर्ट भारत के लिए सामरिक रुप से बहुत अहम है।  - इस समुद्री रास्ते से हिंदुस्तानी जहाज ईरान में दाखिल हो सकते हैं। - जिससे अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया तक के बाजार भारतीय कंपनियों और कारोबारियों के लिए खुल जाएंगे। - ईरान को भी हिंदुस्तान जैसे दोस्त की जरुरत थी, इस दोस्ती से ईरान के कारोबार को भी नई उड़ान मिलेगी।  - चाबहार पोर्ट पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से करीब 80 किलोमीटर दूर है।  - चीन की चाल ग्वादर के रास्ते हिंदुस्तान को घेरने की थी।  - लेकिन, मोदी के ईरानी दांव ने चाबहार रूट न सिर्फ पाकिस्तान को चारों ओर से घेर लिया है।  - चाबहार से ईरान के मौजूदा रोड नेटवर्क को अफगानिस्तान में जरांज तक जोड़ा जा सकता है, जो पोर्ट से 883 किमी दूर है।  - 2009 में हिंदुस्तान द्वारा बनाए गए जरांज-डेलारम रोड के जरिए अफगानिस्तान के गारलैंड हाइवे तक आवाजाही आसान हो जाएगी।  - इस हाइवे से अफगानिस्तान के चार बड़े शहरों- हेरात, कंधार, काबुल और मजार-ए-शरीफ तक सड़क के जरिए पहुंचना आसान हो जाएगा। - चाबहार पोर्ट के विकास को लेकर 2003 में ही भारत और ईरान में समझौता हुआ था।  - लेकिन, ईरान पर पश्चिमी देशों के बैन की वजह से ये मामला लटका रहा, अब ईरान पर से पश्चिमी देशों का बैन हट गया है।  - उसके बाद से हिंदुस्तान ने चाबहार प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया।