इस लड़की के सामने थर-थर कांपते हैं चंबल के बाहुबली

नई दिल्ली (2 मई): चारू निगम बुंदेलखंड में माफियों के बीच खौफ बन गई हैं। आप सोच रहे होंगे कि एक लड़की से कैसे कोई बाहुबली कांप सकता है, तो आपको बता दें कि 30 साल की चारू एक आईपीएस अफसर है और उनकी इसी साल पोस्टिंग झांसी में हुई है।

अपराधियों और माफियाओं के इलाके में करियर की पहली पोस्टिंग की चुनौती को चारू निगम पार कर रही हैं। चारू निगम झांसी के बरुआसागर थाना में एएसपी की रैंक पर पोस्टेड हैं। यह पूरा इलाका खनन माफियाओं और अवैध शराब के बिजनेस के लिए जाना जाता है। इसके बावजूद चारू निगम ने महज 4 महीने में माफियों पर लगाम लगा दी है। चारू निगम मूल रूप से आगरा की निवासी हैं। पिता एमएस निगम की दिल्ली डेवेलपमेंट अथॉरिटी में जॉब लगने के बाद उनकी फैमिली दिल्ली शिफ्ट हो गई थी, इसी वजह से चारू की प्राइमरी एजुकेशन देश की राजधानी में पूरी हुई।

बचपन से ही होनहार रहीं चारू ने आईआईटी के लिए क्वालिफाई किया और बीटेक की डिग्री हासिल की। पापा का सपना था कि चारू सिविल सर्विस में नाम रोशन करें। इसी वजह से उन्होंने सिविल के लिए तैयारी करना शुरू कर दी। चारू निगम ने 2010 में सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की थी। इस प्रिपरेशन में उनके पिता हमेशा उनका हौसला बढ़ाते थे। 2011 में अचानक उनके सिर से पिता का साया उठ गया।

आईपीएस चारू गांवों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनती हैं। कुछ दिन पहले बरुआसागर में हुई एक सड़क दुर्घटना में एक बच्चा घायल हो गया था। बच्चे के सिर से खून बह रहा था। बच्चे की हालत देख चारू ने एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया। वे खुद बच्चे को बिना किसी की मदद के उठाया और अपनी ही गाड़ी में उसे लेकर अस्पताल की ओर दौड़ पड़ीं। इस घटना के बाद से चारू लोगों के बीच लोकप्रिय हैं।