विधायक की डांट से नहीं, इस वजह से रोई थी महिला आईपीएस


लखनऊ(8 मई): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में बीजेपी विधायक राधा मोहन दास का एक वीडियो वायरल हो गया है जिसमें वह एक महिला आईपीएस अधिकारी को डांटते दिख रहे हैं। वीडियो में अधिकारी चारू निगम को रोते देखा जा सकता है।


- शुरू में खबर आई थी कि विधायक के डांटने पर वह रो पड़ी थीं। लेकिन बाद में उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट पर साफ किया कि वह विधायक के डांटने की वजह से नहीं बल्कि उनके सीनियर अधिकारी द्वारा उनका पक्ष लेने के चलते भावुक हो गई थीं।


- घटना करीमनगर की है, जहां रविवार को कुछ लोग शराब की दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इसी तनाव के बीच बीजेपी के स्थानीय विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने उनसे शिकायत की कि पुलिस अधिकारी चारू निगम ने उन्हें जबरन हटाया है। वीडियो में राधा मोहन अधिकारी चारू निगम से कह रहे हैं, 'आप चुप रहिए। मैं बता रहा हूं बर्दाश्त के बाहर मत जाओ। मैं बात कर रहा हूं।' चारू निगम भी वहां मौजूद अधिकारियों से कहती दिख रही हैं, 'मैं भी इस क्षेत्र की अधिकारी हूं। जो लॉ ऐंड ऑर्डर बिगाड़ रखा है उसी पर आपसे बात कर रही हूं।'


- दरअसल प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि चारू ने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के एक बुजुर्ग को घसीटा। इस पर विधायक ने महिला पुलिस अधिकारी से पूछा कि उन्होंने भीड़ के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जबकि राज्य सरकार का आदेश है कि घनी बस्तियों में शराब की दुकान नहीं चलेगी। बातचीत के दौरान ही महिला अधिकारी रूमाल निकालकर आंसू पोंछने लगीं। उनका आरोप था कि विधायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी बेइज्जती की।


- गोरखनाथ क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी चारू ने कहा, 'विधायक ने मेरे साथ बदसलूकी की और वह यह भूल गए कि वह एक महिला पुलिस अधिकारी से बात कर रहे हैं।'


-वीडियो में आगे एक सीनियर अधिकारी विधायक से बात करते हुए दिख रहे हैं। उनके पीछे चारू निगम को रोते देखा जा सकता है। हालांकि उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा है कि वह विधायक के डांटने की वजह से नहीं बल्कि सीनियर अफसर द्वारा उनके पक्ष में बोलने के चलते भावुक हो गई थीं।


- पोस्ट में उन्होंने कहा, 'मेरे प्रशिक्षण में मुझे कमजोर होना नहीं सिखाया गया है। मैंने बस यह उम्मीद नहीं की थी कि हमारे एसपी सिटी गणेश साहा सर (विधायक के) तर्कों को खारिज कर देंगे और मेरी चोट के बारे में बताएंगे। उनके आने से पहले मैं (घटनास्थल पर) सबसे सीनियर अधिकारी थी। लेकिन जब सर आए और मेरे पक्ष में खड़े हुए तो मैं भावुक हो गई।'