पांच की पंचायत: क्या अमेरिका असहिष्णुता पर कर रहा है भारत को बदनाम?

नई दिल्ली (3 मई): धार्मिक आजादी पर एक अमेरिकी रिपोर्ट ने भारत पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015 में भारत में धार्मिक सहिष्णुता बदतर हो गई और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बढ़ गया। अपनी सालाना रिपोर्ट में कांग्रेस से अधिकार प्राप्त यूएस कमीशन फॉर इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम ने भारत सरकार से सार्वजनिक रूप से उन पदाधिकारियों और धार्मिक नेताओं को फटकार लगाने को कहा है जिन्होंने धार्मिक समुदायों के बारे में अपमानजनक बयान दिये हैं।

भारत में साल 2015 में धार्मिक सहिष्णुता बदतर हो गई और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बढ गया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि अल्पसंख्यक समुदाय खासतौर पर ईसाई, मुसलमान और सिखों को धमकी, प्रताडना और हिंसा की कई घटनाओं का सामना करना पड़ा, जिसमें बडे पैमाने पर हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों का हाथ था। बीजेपी के सदस्यों ने इन संगठनों का समर्थन किया और तनाव को हवा देने के लिए धार्मिक रूप से बांटने वाली भाषा का इस्तेमाल किया।

इस अमेरिकी रिपोर्ट के बाद से विपक्षी दलों ने बीजेपी सरकार पर हमला तेज कर दिया है। इसने केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि साल 2015 में भारत में साम्प्रदायिक हिंसा में 17 फीसदी वृद्धि हुई। पांच की पंचायत में हम बात करेंगे कि क्या अमेरिका असहिष्णुता के नाम पर भारत को बदनाम कर रहा है और क्या धार्मिक आजादी पर भारत की छवि वाई में खराब हुई है।

वीडियो:

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