यह है भारत की इंटरनेशनल शूटिंग रेंज, चल रही है रियो ओलंपिक की तैयारी

नई दिल्ली (17 जुलाई): रियो ओलंपिक में पदक पर निशान लगाने से हमारे निशानेबाज न चूक जायें, इसलिए उन्हें ठीक वैसा ही वातावरण ट्रेनिंग के दौरान दिया जा रहा है। ओलिंपिक खेलों के लिए सेना की मध्य प्रदेश की महू स्थित मार्क्समैनशिप यूनिट (एएमयू) ने अपने तीनों शूटर्स को जबर्दस्त तैयारियां हो रही हैं। ओलिंपिक स्तर की तीन वातानुकूलित शूटिंग रेंज में रियो का स्पर्धा जैसा माहौल पैदा करने के लिए लाइट एंड साउंड इफेक्ट की व्यवस्था की गयी है।

- शूटर्स को फाइनल के दौरान पड़ने वाले दबाव का बिलकुल वैसा ही शोर-गुल सुनाई देगा, जैसा असल में होता है। - निशाना दागने के दौरान हवा के बदलावों को मापने के भी इंतजाम हैं। पिस्टल और राइफल स्विट्जरलैंड की नामी कंपनियों से तैयार करवाई गई हैं।

- इन इंतजामों पर अब तक की सर्वाधिक राशि करीब 15 करोड़ खर्च की गई है। 

- ओलिंपिक में भाग लेने जा रहे तीनों शूटर्स जीतू राय, गुरप्रीत सिंह और चैन सिंह से बेहतर प्रदर्शन करवाने के लिए खास तैयारियां कर रही है।

- सभी शूटर्स को विदेशी परिस्थतियों के अभ्यस्त होने और बेहतरीन ट्रेनिंग देने के लिए पिछले एक साल में ही करीब 6-8 विदेशी प्रशिक्षण कैंप में भी भेजा गया है।   - सभी मुकाबलों के लिए अलग-अलग रेंज बनाई गई हैं। सामान्य मुकाबलों में पचास या अधिक शूटर्स के लिए विशाल रेंज है, वहीं फाइनल्स में शूटर्स कम होने से अलग माहौल की रेंज। 

- भीतर के तापमान को करीब बीस टन के एयरकंडीशन लगाकर माहौल के मुताबिक किया गया है। एक रेंज में निशाना दागने के दौरान हवा से होने वाले बदलावों को परखने के इंतजाम हैं।