सीबीआई में फेरबदल का दौर जारी, अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने 20 अफसरों का किया ट्रांसफर

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जनवरी): सीबीआई में जारी घमासान के बाद तबादलों का दौर अभी भी जारी है। सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर ने भारी फेरबदल करते हुए 20 अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है। इनमें 13 एसपी और 7 एएसपी शामिल हैं। तबादले की लिस्ट में 2 जी घोटाला की जांच करने वाले अधिकारी विवेक प्रियदर्शी का नाम भी शामिल हैं। दिल्ली के भ्रष्टाचार निरोधी शाखा से तबादला करके प्रियदर्शी को चंडीगढ़ भेज दिया गया है। एसपी निर्भय कुमार को एसपी इकनॉमिक ऑफेंस-II विंग के अलावा एसीबी जोधपुर का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।

एटी दुरई कुमार (ईओ चेन्नई से एसीबी चेन्नई भेजा गया), प्रेम गौतम (एसपी ईओ-III नई दिल्ली अब डेप्युटी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन का अतिरक्त चार्ज संभालेंगे)। इसके अलावा मोहित गुप्ता को एसीबी गाजियाबाद से दिल्ली में बैंक सिक्यॉरिटीज और फ्रॉड सेल (BS&FC) भेज दिया गया है। खास बात है कि मोहित गुप्ता को हाल ही में आलोक वर्मा ने दिल्ली एंटी-कर्शन यूनिट भेजा था, जहां उन्होंने अपने अचानक तबादले से पहले चार्ज लिया था। उन्हें राकेश अस्थाना की जगह इन-चार्ज बनाया गया था, जो अब सीबीआई से बाहर हो चुके हैं।

हालांकि तबादले के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि संवैधानिक अदालतों के आदेश पर किसी भी मामले की जांच और निगरानी करने वाले अधिकारी अपने पद पर बने रहें।आदेश के अनुसार, तमिलनाडु में स्टरलाइट-विरोधी प्रदर्शन गोलीबारी मामले की जांच कर रहे ए. सरवनन को मुंबई की बैंकिंग, प्रतिभूति और फर्जीवाड़ा जांच शाखा में भेजा गया है।यह शाखा हीरा व्यापारियों नीरव मोदी और मेहुल चोकसी सहित ऋण फर्जीवाड़ा करने वालों की जांच कर रही है।

सीबीआई का मामला तब सुर्खियों में आया था जब आधी रात को सीबीआई के तत्कालीन डायरेक्टर आलोक वर्मा और सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया था और नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया गया था। आलोक वर्मा ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह तर्क देते हुए उन्हें बहाल कर दिया था कि उन्हें पीएम की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने नियुक्त किया था और उन्हें उसी तरह से हटाया जा सकता है। इसके बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समित की बैठक बुलाकर आलोक वर्मा को हटाने का फैसला कर लिया गया। चयन समिति में पीएम नरेंद्र मोदी, सुप्रीम कोर्ट के जज एके सीकरी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे। खड़गे ने इस फैसले का विरोध किया था।

आपको बता दें कि पीएम मोदी, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे 24 जनवरी को नए सीबीआई चीफ चुनने के लिए बैठक करने वाले हैं।