गांगुली से जुड़ी ये दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप!

नई दिल्ली(8 जुलाई): टीम इंडिया के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक सौरव गांगुली का आज जन्मदिन है। गांगुली के बारे में आज हम आपको ऐसी बात बताने जा रहे हैं जो शायद ही आप जानते हों।

1. सौरव गांगुली को 'महाराज' यानी 'प्रिंस' उपनाम उनके मां-बाप ने दिया था। शायद वे जानते थे कि उनका बेटा अगुवाई करने के लिए ही जन्‍म लिया हो। बाद में ज्‍योफ्री बॉयकॉट ने सौरव को 'द प्रिंस ऑफ कोलकाता' नाम दिया।

2. सौरव के पिता चंडीदास गांगुली का प्रिंटिग का कारोबार रहा है। कभी यह एशिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी थी। इस तरह कोलकाता के धनाढ्य परिवारों में गांगुली का परिवार शामिल रहा है। सौरव का पूरा परिवार दक्षिणी कोलकाता के बेहला में रहता है। उनके परिवार में 30 से भी ज्‍यादा सदस्‍य है, जो मौजूदा दौर में संयुक्‍त परिवार का मिसाल है।

3. सौरव दाईं हाथ से लिखते हैं और गेंदबाजी भी दाईं हाथ से करते है।. हालांकि, वह बाईं हाथ से बल्‍लेबाजी करते रहे हैं। इसके पीछे दिलचस्‍प किस्‍सा है। दरअसल, सौरव के भाई स्‍नेहाशीष बाएं हाथ के बल्‍लेबाज थे। ऐसे में भाई का क्रिकेट किट उपयोग करने के लिए वे भी बाएं हाथ से बल्‍लेबाजी करने लगे।

4. सौरव फुटबॉल के बड़े फैन रहे हैं। वास्‍तव में फुटबॉल उनका पहला प्‍यार था। एक बार स्‍कूल की 10 दिनों की छुट्टी में उनके पिता ने सौरव को क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिला दिया और इस तरह क्रिकेट को नया सितारा मिला।

5. यह किस्‍मत कहिए या फिर बदकिस्‍मती, सौरव को भी रणजी टीम में अपने भाई स्‍नेहाशीष की जगह खेलने का मौका मिला था।

6. सौरव को पहली बार 1992 में भारतीय टीम में शामिल किया गया, लेकिन वे तुरंत ही टीम से निकाल दिए गए। वजह यह थी कि उनका व्‍यवहार कुछ लोगों को रास नहीं आया और उन्‍होंने टीम मैनेजमेंट से शिकायत कर दी।

7. हालांकि, सौरव ने हिम्‍मत नहीं हारी और लगातार मैदान पर पसीना बहाते रहे। 1996 में लॉड्स में अपने ही पहले ही मैच में सौरव ने शतक जड़ दिया। सौरव को यह मौका भी भी नवजोत सिंह सिद्धू की वजह से मिला था, जिनकी उस समय तत्‍कालीन कप्‍तान अजहरुद्दीन से अनबन हो गई थी और उन्‍होंने खेलने से इनकार किया था।

8. सौरव हर मंगलवार को उपवास रखते हैं।

9. सौरव के नाम पर कोलकाता में एक अपार्टमेंट भी है। इसका नाम 'सौरव हाउसिंग कॉम्‍पलैकस' है।

10. सचिन के नक्‍शेकदम पर चलते हुए सौरव ने भी रेस्‍टोरेंट के कारोबार में हाथ आजमाया है। कोलकाता के पार्क स्‍ट्रीट में 'द फूड पवेलियन' के नाम से उनका रेस्‍टोरेंट है।