कल नेवी को मिलेगी 'तारिणी', समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

रमन झा, नई दिल्ली (17 फरवरी): 18 फरवरी यानी कल शाम INS मंडोवी बोट पूल पर आयोजित होने वाले समारोह में  दूसरी सागर नौका-तारिणी को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्‍बा भी उपस्थित रहेंगे। INSV तारिणी का निर्माण गोवा की मैसर्स एक्‍वेरियस शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड, दिवर ने किया है। नौका तारिणी को भारतीय नौसेना के विश्‍व के पहले महिला परिनौसंचालन अभियान के लिए रखा गया है।

एल्‍युमिनियम और स्‍टील की तुलना में बेहतर प्रदर्शन के लिए नौका का ढांचा लकड़ी और फाइबर ग्‍लास से बना है। INSV तारिणी में 6 सूट हैं। नवनिर्मित INSV तारिणी के ट्रायल 30 जनवरी, 2017 को सफलतापूर्वक संपन्‍न हो गए थे।

इस नौका का डिजाइन ओडिसा के गंजम जिले के प्रसिद्ध तारा तारिणी मंदिर से प्रेरित है। तारिणी शब्‍द का अर्थ होता है नौका और संस्‍कृत में इसका मतलब होता है तारने वाला।

समुद्री नौवहन गतिविधियों और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना ने विश्‍व के पहले भारतीय महिला परिनौसंचालन अभियान की परिकल्‍पना की है। इस परियोजना के लिए लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्‍व में 6 महिला अधिकारियों के दल का चयन किया गया है। इन अधिकारियों ने आईएनडब्‍ल्‍यूटीसी, मुंबई में नौवहन का मौलिक प्रशिक्षण लिया है।