जानिए, PM मोदी की 'विस्तार' पॉलिटिक्स की खास बातें

कुंदन सिंह, मनीष कुमार, अमित सिंह, संजीव त्रिवेदी, नई दिल्ली (5 जुलाई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में आज 19 नए चेहरे जुड़ गए। आज कैबिनेट विस्तार में प्रमोशन सिर्फ एक मंत्री का हुआ। नए मंत्रियों को पीएम ने चाय पिलाई और मन से काम सीखने की नसीहत दी। मोदी सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 79 हो गयी है। मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की बात करने वाले मोदी की मंत्रिपरिषद अब  मनमोहन सिंह सरकार से भी बड़ी हो गई है।   

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में 10 राज्यों से 19 नए चेहरों की एंट्री हुई। टीम में ऐसे चेहरों को जगह दी गई, जिनका होनेवाले चुनावों में पूरा फायदा उठाया जा सके। परफॉर्मेंस को आधार बनाकर जो मंत्री अच्छा काम नहीं कर रहे थे, उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया।

विस्तार पॉलिटिक्स की खास बातें
जातीय समीकरण को ध्यान में रखा गया क्षेत्रीय संतुलन दुरुस्त करने की कोशिश चुनावी राज्यों को ज्यादा जगह देने की कोशिश 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यूपी विधानसभा चुनाव है। इसलिए यूपी के 3 नए चेहरों को जगह मिली।

अनुप्रिया पटेल- राज्य मंत्री
कृष्णा राज- राज्य मंत्री
महेंद्र नाथ पांडेय- राज्य मंत्री 

मोदी सरकार में सबसे युवा मंत्री अनुप्रिया पटेल बन गयी हैं। वो सूबे के कुर्मी वोटरों को साधने के काम आएंगी। यूपी में करीब 8 फीसदी कुर्मी वोटर हैं। बीजेपी अनुप्रिया पटेल का इस्तेमाल बेनी प्रसाद वर्मा के काट के तौर पर करेगी। यूपी की कई सीटों पर पटेल वोटर दमदार स्थिति में हैं। लेकिन, अनुप्रिया पटेल के मंत्री पद की शपथ लेते ही अपना दल ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए और अब एनडीए के जहाज से उतरने की बात करने लगा है। 

यूपी के शाहजहांपुर से सांसद कृष्णा राज की दलित वोटरों पर अच्छी पकड़ है। कृष्णा पासी जाति से आती हैं। सूबे में पासी वोटरों की तादाद करीब तीन फीसदी है। दलितों में जाटव के बाद पासी सबसे अहम हैं। ऐसे में यूपी विधानसभा चुनाव में पासी वोटरों को बीजेपी के पाले में लाने में कृष्णा राज बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

यूपी के ब्राह्मण वोटरों को खुश करने के लिए महेंद्र नाथ पांडे को भी मोदी सरकार में सीट मिल गयी। यूपी में करीब 10 फीसदी ब्राह्मण हैं। बीजेपी को डर है कि कहीं ब्राह्मण वोटर बीएसपी के खाते में न चले जाएं। क्योंकि, बीजेपी ने कुछ महीने पहले ही ब्राह्मण लक्ष्मीकांत वाजपेयी को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया था। जिससे ब्राह्मण वोटर नाराज हो गए थे। अब बीजेपी महेंद्र नाथ पांडे के जरिए ब्राह्मण वोटरों को साधने की कोशिश करेगी।

आज की तारीख में यूपी से मोदी सरकार में 15 मंत्री शामिल हैं। जिनमें गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, उमा भारती, कलराज मिश्र और मेनका गांधी जैसे दिग्गज भी शामिल हैं। पंजाब से किसी को भी मोदी की टीम में जगह नहीं मिली। लेकिन, दार्जिलिंग से राज्यसभा सांसद एस. एस. अहलूवालिया को सरकार में जगह मिली। अहलूवालिया बीजेपी में सिख चेहरा है। उत्तराखंड में अगले साथ विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में कांग्रेस के दलित कार्ड का जवाब देने के लिए बीजेपी ने 48 साल के टम्टा को राज्य मंत्री बनवा दिया। 

गुजरात में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सौराष्ट्र के बड़े नेता पुरुषोत्तम रुपाला को भी सरकार में जगह दी गई। रूपाला लंबे समय से नाराज चल रहे थे। ये अमित शाह के बहुत करीबी माने जाते हैं और गुजरात का किला संभालने में पार्टी इनका पूरा इस्तेमाल करेगी। 

गुजरात में कृषि के क्षेत्र में मनसुख भाई मंडाविया ने बहुत काम किया है। गुजरात एग्रो इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन के प्रमुख भी रहे हैं। इनकी गुजरात से लेकर संसद तक एक अलग पहचान है। हर चेहरे को सरकार में शामिल करने से पहले पूरा हिसाब लगाया गया है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले मिनिमम गर्वमेंट और मैक्सिमम गर्वनेंस की बात करते थे। लेकिन, अब उनके मंत्रियों की संख्या ने भी नया रिकॉर्ड बना दिया है।