'मौत की सजा' का इंतजार कर रही हैं इस 'खतरनाक' जेल में बंद लड़कियां

नई दिल्ली (28 जनवरी): मलिन हालात में सोना, खाने के लिए घंटों तक लाइन में खड़े रहना, नवजात बच्चों की देखरेख के लिए संघर्ष करना... ये कुछ ऐसी चुनौतियां हैं, जिनका सामना ईरान की खतरनाक जेलों में महिला कैदियों को दिन रात करना होता है। इन कैदियों में दर्जनों ऐसी लड़कियां हैं, जिनमें से कुछ तो महज 9 साल की हैं। ये सभी मौत की सजा दिए जाने के इंतजार में हैं। इन सभी पर हत्या, ड्रग तस्करी और हथियारों के साथ लूट करने के आरोप लगे हैं।

'मेलऑनलाइन' की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान दुनिया में दूसरा ऐसा देश है जहां 'मौत की सजा' सबसे ज्यादा दी जाती है। यहां जवान लड़कियों को अपराधों की सजा के तौर पर फांसी पर लटकाया दिया जाता है। इनमें वे भी शामिल हैं जिनसे जबरदस्ती अपराध कबूल कराया जाता है। इसके अलावा प्रताड़ित किए जाने के साथ बुरी तरह से बर्ताव भी किया जाता है।

डरी सहमी इन सभी लड़कियों को सजा सुनाए जाने के बाद बाल-अपराधियों के लिए बनाए गए सुधार ग्रहों में बंद रखा जाता है। इनमें से ज्यादातर कैदियों को 18 साल का होने पर फांसी दे दी जाती है। पिछले साल ईरान में मौत की सजा देने में परेशानीजनक रूप से वृद्धि हुई है। 1 जनवरी से 1 नवंबर के बीच साल 2015 में 830 लोगों को फांसी पर लटकाया गया। ऐसी रिपोर्ट्स आईं कि इनमें से चार ज्यूबेनाइल अपराधी शामिल थे। तेहरान के रहने वाले अवार्ड विजेता फोटोग्राफर सदेग सूरी ने इन जेलों की कठोर यातनाओं का अपनी फोटोग्राफी के जरिए व्यक्त किया है। 

2015 लेंस कल्चर वीजुअल स्टोरी टैलिंग अवार्ड्स के डॉक्यूमेंट्री विनर सूरी ने 17 वर्षीय महसा की फोटोग्राफी की। महसा को उसके भावी पति को लेकर हुए विवाद पर रसोई के चाकू से अपने पिता की हत्या करने के बाद यहां बंद कर दिया गया था। उसके भाइयों ने उसके लिए मौत की सजा की मांग की है। इसके अलावा एक अन्य अभियुक्त है 16 वर्षीय नाज़िम। 6 महीने पहले नाज़िम को 621 ग्राम कोकेन रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह जज के फैसले का इंतजार कर रही है। 

इसी तरह 15 वर्षीय शाकाएक को तेहरान में एक चेन स्टोर से हथियारों के साथ रॉबरी करने के आरोप में जेल में डाला गया है। उसने अपने बॉयफ्रैंड के साथ इस अपराध को अंजाम दिया था। इसी तरह से कई अन्य लड़कियों की दशा फोटोग्राफर सूरी ने अपनी फोटोग्राफी के जरिए व्यक्त की हैं। बता दें, ईरान में दर्जनों अपराधी मौत की सजा दिए जाने के इंतजार में हैं। यह खुलासा एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में किया गया है। हालांकि, ईरान ने दावा किया है कि उसने 18 साल से कम उम्र के अपराधियों के लिए 'कैपिटल पनिशमेंट' में मामले में काफी सुधार किया है। 

2014 में ईरान में चीन के अलावा दुनिया में सबसे ज्यादा संख्या में मौत की सजा दी गई। ईरान के अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने घोषणा की कि 289 मौत की सजा दी गईं, जिनमें 278 पुरुष और 11 महिलाएं शामिल हैं। हालांकि, विश्वसनीय सूत्रों से 454 और भी मौत की सजाओं की जानकारी दी गई। जो आधिकारिक रूप से की गई घोषणा से ज्यादा है। इस तरह 2014 में कुल मिलाकर कम से कम 743 लोगों को मौत की सजा दी गई।

फोटो क्रैडिट: Sadegh Souri, अवार्ड विनिंग फोटोग्राफर, तेहरान