रमेश पोखरियाल निशंक ने इनोवेशन फेस्टिवल का किया शुभारंभ, दिखे आधुनिक भारत के आधुनिक आविष्कार

पल्लवी झा,न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 सितंबर):  मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने संबंधी एआईसीटीई की पहल इनोवेशन फेस्टिवल है का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के उत्कृष्ठ संस्थानों में शोध को बढ़ावा देकर व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्पादों के विकास और उन्हें बाजार में उतारने पर जोर दिया जायेगा । पिछले साल सरकार के ज़रिए इनोवेशन सेल की शुरुआत की गई थी जिसके तहत पहले है इनोवेशन फ़ेस्टिवल मे पूरे देश भर से विद्यार्थियों ने अपने कई इनोवेशन को प्रदर्शित किया। आइए नज़र डालते हैं ऐसे ही कुछ इनोवेशन पर।

साउंडलेस हॉर्न

तमिलनाडु से आए श्रीकृष्ण कॉलेज ऑफ़ टेक्नोलॉजी के स्टूडेंट ने एक ऐसा हार्न बनाया हैं जो अचंभित करने वाला है ।पूरे विश्व में तमाम तरह के पोल्यूशन को लेकर चिंता है जिसमें साउंड पोल्यूशन भी एक बड़ा ख़तरा बन रहा है । ऐसे में इस कॉलेज के स्टूडेंट ने एक ऐसा होर्न बनाया है जिसे साउंडलैस हॉर्न कहा जाता है ।नाम सुनकर ऐसा मत सोचिऐगा कि साउंडलेस है तो फिर हॉर्न कैसे? इसमें ध्वनि के अल्ट्रासोनिक फ़्रीक्वेंसी का इस्तेमाल कुछ इस तरह से किया गया है कि हॉर्न सिर्फ़ आपके सामने बाधा या व्यवधान डालने वाले गाड़ियों में बैठे व्यक्ति को ही सुनाई देगा।इसके अलावा बाहर किसी को भी नहीं जिससे की नॉन पोल्यूशन में काफ़ी कमी आएगी हालाँकि स्टूडेंट का कहना है कि डिवाइस को स्टैंडर्ड डिवाइस बनाने के लिए भारत सरकार की मदद की ज़रूरत पड़ेगी।

एग्रीकल्चर ड्रोन

तेलंगाना से आए स्टूडेंट ने एक ऐसी टेक्नीक बनायी है जो हमारे देश के किसानों के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद हो सकती है । खेतों में पेस्टीसाइड और फर्टिलाइजर का छिड़काव बेहद ज़रूरी होता है ऐसे में कुछ एकड़ ज़मीन में दो छिड़काव काफ़ी आसान है   लेकिन जब बात कई एक रुकी हो तो काफ़ी मुश्किल होता है ऐसे में इन विद्यार्थियों ने कैसा ड्रोन बनाया है जिससे की 20 लीटर पेस्टीसाइड या फर्टिलाइजर आसानी से कई हज़ार एकड़ में छिड़का जा सकता है।इस ड्रोन में कई कैमरे लगे हैं और ये एक सिंगल चार्ज में 30 मिनट तक फलाई करते हुए छिड़काव कर सकता है मैं। इस ऋण को चलाने के लिए किसी रिमोट कंट्रोल की ज़रूरत नहीं पड़ती । यह मात्र एक ऐप से ऑटोनमस तरीक़े से चलता है साथ ही यह भी बताता है की कौन सी फ़सल ख़राब हो गई है और कौन सी होने वाली है।

इंटरसेप्टर बाइक

ये एक ऐसी बाइक है जिसे तमिलनाडु के विद्यार्थी ने अपने लिए बनाया है जिसमें कुछ ऐसी खूबियां हैं जो हर बाइक लवर्स ख़रीदना चाहेगा। ये बाइक तीन मिनट में सौ किलोमीटर तक के लिए चार्ज हो जाता है और इसकी गति सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलती है और सबसे अनोखी बात चार्जिंग में इसका कॉस्ट सिर्फ़ तीन रुपये होता है। जब देश में इलेक्ट्रिक कार को लेकर चर्चाएँ और बढ़ावा देने की बात हो रही है ऐसे में ये बाइक ज़ाहिर तौर पर एक ऐसा इनोवेशन है जो आने वाले समय में ना सिर्फ़ बिजली बचाएगा बल्कि पोल्यूशन भी नहीं होने देगा।इसके अलावा इस बाइक में सेल्फ चार्जिंग मेकेनिज्म है 5 सस्पेंशन शॉक् सहने की क्षमता है। हालंकि इसकी पूरी क़ीमत लगभग 38,000 के क़रीब होगी।

बहरहाल  ऐसे इनोवेशन से जहां शैक्षिक संस्थाओं की प्रतिभाएं निखर कर सामने आएंगी वहीं, अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान के साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की नवाचार इकाई की प्रथम वर्षगांठ पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निशंक ने कहा कि नव भारत के निर्माण में किसी एक चीज की सबसे बड़ी जरूरत है तो वह नवाचार या इनोवेशन है ।