थोक महंगाई दर में दिखी गिरावट, सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 मई): बीते अप्रैल महीने में थोक महंगाई दर में गिरावट देखने को मिली। वहीं खुदरा महंगाई दर के सोमवार को जारी हुए आंकड़ों में पिछले छह माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। मंगलवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक थोक महंगाई दर अप्रैल माह में 3.07 फीसदी रही। यह मार्च में 3.18 फीसदी रही थी। वहीं पिछले साल अप्रैल में यह 3.62 फीसदी दर्ज की गई थी।

हालांकि बीते महीने पेट्रोल-डीजल और तैयार सामान के सस्ता रहने से थोक महंगाई दर में कमी रही। वहीं सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली। सब्जियों के दाम 40.65 फीसदी तक बढ़ गए, जबकि मार्च में यह 28.13 फीसदी था। सीएसओ ने बताया कि अप्रैल में सीपीआई 2.92 फीसदी रहा, जो मार्च के 2.86 फीसदी के मुकाबले 0.06 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, यह आरबीआई के अनुमानित आंकड़ों से नीचे रही है, जिससे अगली एमपीसी बैठक में रेपो रेट की कटौती की उम्मीदें बरकरार हैं। पिछले साल की समान अवधि में खुदरा महंगाई की दर 4.58 फीसदी रही थी। सीएसओ के अनुसार, अप्रैल में कीमतें बढ़ने की दर अक्तूबर, 2018 के बाद सबसे ज्यादा रही है।

महंगाई के आंकड़ों पर आरबीएल बैंक के अर्थशास्त्री ने कहा कि धीरे-धीरे मुद्रास्फीति की दर आरबीआई के अनुमानित लक्ष्य के करीब पहुंच रही है, जो चार फीसदी है। वहीं, रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का कहना है कि 2019-20 में भारत की खुदरा महंगाई दर 60 आधार अंक बढ़कर चार फीसदी पहुंच सकती है। पिछले वित्त वर्ष यह 3.4 फीसदी रही थी।अप्रैल में खाद्य पदार्थों में महंगाई की दर तीन गुना बढ़ी और यह मार्च के 0.3 फीसदी से उछलकर 1.1 फीसदी पर आ गई। सब्जियों की महंगाई दर भी 2.87 फीसदी बढ़ी, जबकि फलों की महंगाई दर में गिरावट रही। ईंधन और बिजली की महंगाई दर भी 2.56 फीसदी पहुंच गई, जो मार्च में 2.42 फीसदी थी। ग्रामीण क्षेत्रों की खुदरा महंगाई दर मार्च के 1.8 फीसदी से बढ़कर 1.87 फीसदी, जबकि शहरी क्षेत्र की 4.1 फीसदी से बढ़कर 4.23 फीसदी हो गई है।