अर्थव्यवस्था की हालत नाजुक, जून में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर गिरकर 2%

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(9 अगस्त): देश में आर्थिक सुस्ती लगातार बढ़ती जा रही है। मंदी के कारण एक तरह से अर्थव्यवस्था हांफ रही है। आर्थिक विकास दर्शाने वाले सभी आंकड़े अर्थव्यवस्था के प्रतिकूल आ रहे हैं। हालात यह है कि मांग और उत्पादन में सामंजस्य बैठाने के लिए महिंद्रा को वाहनों का उत्पादन दो सप्ताह के लिए बंद करने को मजबूर होना पड़ रहा है। यही हाल जून में उद्योगों की रफ्तार का भी रहा है। खनन और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के खराब प्रदर्शन के कारण जून महीने में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर गिरकर 2 प्रतिशत पर आ गई है।

आधिकारिक आंकड़ों में शुक्रवार को इसकी जानकारी दी गई। पिछले साल जून में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 7 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। जून महीने में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की वृद्धि दर पिछले साल के 6.90 प्रतिशत की तुलना में गिरकर 1.20 प्रतिशत पर आ गई। बिजली उत्पादन क्षेत्र की वृद्धि दर भी 8.50 प्रतिशत से घटकर 8.20 प्रतिशत पर आ गई। वहीं, खनन क्षेत्र की वृद्धि दर 6.50 प्रतिशत से कम होकर 1.60 प्रतिशत पर आ गई। गौरतलब है रि इससे पहले आईआईपी मार्च में 2.7 प्रतिशत, अप्रैल में 4.30 प्रतिशत और मई में 4.60 प्रतिशत की दर से बढ़ा था।

सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष की जून तिमाही में आईआईपी वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 5.10 प्रतिशत की तुलना में गिरकर 3.60 प्रतिशत पर आ गई। पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में इस बार जून में 6.5 प्रतिशत की कमी देखी गई जबकि पिछले साल जून में इसमें 9.70 प्रतिशत की तेजी रही थी। वहीं, उपभोक्ता आधारित वर्गीकरण को देखें तो प्राथमिक वस्तुओं में 0.5 प्रतिशत की तथा माध्यमिक वस्तुओं में 12.4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। निर्माण संबंधित वस्तुओं में 1.8 प्रतिशत की कमी हुई है। आपको बता दें कि मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के 23 में से 8 औद्योगिक समूहों में जून महीने में सकारात्मक वृद्धि रही।

जून में कैपिटल गुड्स की ग्रोथ घटकर -6.5 फीसदी रही, जो मई में 0.8 फीसदी रही थी। जून में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ग्रोथ घटकर -5.5 फीसदी रही, जो मई में 0.1 फीसदी रही थी। जून में कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स ग्रोथ घटकर मामूली बढ़कर 7.8 फीसदी रही, जो मई में 7.7 फीसदी रही थी।