जनवरी तक भारत-पाकिस्तान सुलझाए सिंधु जल विवाद- वर्ल्ड बैंक

नई दिल्ली (14 दिसंबर): भारत-पाकिस्तान सिंधु नदी जल विवाद विश्व बैंक तक पहुंच गया है। विश्व बैंक ने भारत और पाकिस्तान से द्विपक्षीय समझौते के तहत आपसी सहमति से इस विवाद को सुलझाने की अपील की है। विश्व बैंक के मुताबिक आपसी सहमति से इस विवाद को सुलझाने से दोनों देशों को दीर्घकालीन फायदा होगा। विश्व बैंक ने द्विपक्षीय मुद्दे को बातचीत से सुलझाने के लिए जनवरी के अंत तक की समयसीमा निर्धारित की है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान लगातार सरहद पार से भारत में आतंकियों के खौप भारत में भेजता रहता है। इससे परेशान भारत पाकिस्तान के खिलाफ सख्त होता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ हफ्ते पहले ये चेतावनी दी थी कि अगर पाकिस्तान ने अपनी जमीन से आतंकवादी गतिविधियों को नहीं रोका तो भारत दोनों देशों के बीच सिंधु नदी जल समझौते पर पुनर्विचार करेगा। इससे परेशान पाकिस्तान ने विश्व बैंक के सामने गुहार लगाई थी कि भारत के इस कदम से पाकिस्तान में पानी की किल्लत हो जाएगी।

विश्व बैंक के ग्रुप प्रेसिडेंट जिम योंग किम ने एक बयान में कहा- 'हम इस विराम की घोषणा इसलिए कर रहे हैं ताकि सिंधु नदी जल समझौते को बचाया जा सके और भारत-पाकिस्तान संधि के विरोधाभासी हितों को सुलझाने के लिए वैकल्पिक रास्तों पर विचार कर सकें और कैसे दो हाइड्रोइलैक्ट्रिक ऊर्जा संयत्रों को लेकर उन्हें अमल में लाया जा सके।'

किम ने कहा, "ये दोनों देशों के लिए अवसर है कि वे आपसी रजामंदी से इस मुद्दे को सुलझाएं जो कि संधि की भावना के अनुरूप हो। मैं उम्मीद करता हूं दोनों देश जनवरी के अंत तक किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे।"