सिंधु जल समझौते का पूरा इस्तेमाल करेगा भारत,पाक से लगी सीमा पर बांध दोबारा होगा शुरू

नई दिल्ली (4 मार्च): एक दिन पहले ही खबर आई की भारत सिंधु जल बंटवारे पर विश्व बैंक की देख रेख में भारत-पाक के अधिकारियों की होने वाली बैठक में शिरक्त करेगा। मीडिया विश्लेषक इसे पाकिस्तान के प्रति नरम रवैये के तौर पर ले रहे थे। लेकिन आज भारत ने वो कदम उठाया है जिससे पाकिस्तान की रातों की नींद और दिन का चैन उड़ जाएगा। भारत ने सिंधु जल समझौते के अपने हिस्से का इस्तेमाल करते हुए पाक सीमा पर बांध निर्माण करने का निर्णय लिया है।  मोदी सरकार की पहल से पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित शाहपुर कंडी बांध के निर्माण को लेकर जम्मू-कश्मीर तथा पंजाब सरकार के बीच जारी विवाद को सुलझा लिया गया है और इस बांध पर निर्माण कार्य जल्द दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। बांध परियोजना को लेकर जारी विवाद को खत्म करने के लिए पंजाब तथा जम्मू कश्मीर सरकार के प्रतिनिधियों के बीच कल एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। 55 मीटर ऊंचे इस बांध का काम 2014 में पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच विवाद के कारण रुक गया था। इस बांध के बनने से 206 MW बिजली बनाई जा सकेगी और पंजाब की लगभग 5000 हेक्टेयर और जम्मू-कश्मीर 32173 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा। इस प्रॉजेक्ट के पूरा होने से भारत रावी, ब्यास और सतलुज नदी के पानी का पूरा इस्तेमाल कर सकेगा। इससे जम्मू और कश्मीर के हाइड्रो पावर प्रॉजेक्ट्स के काम में तेजी लाने और समझौते के तहत पाकिस्तान द्वारा नियंत्रित घाटी की पश्चिमी क्षेत्र की तीन नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी को स्टोर करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस प्रॉजेक्ट की कीमत लगभग 2285.81 करोड़ रुपये होगी।

क्या है सिंधु जल समझौता...

    * सिंधु जल समझौता 19 सितंबर 1960 में छह नदियों के पानी को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था।

    * समझौता पर भारत के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाक राष्ट्रपति जनरल अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे।

    * सिंधु नदी संधि विश्व के इतिहास का सबसे उदार जल बंटवारा माना जाता है।

    * अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति ने 2011 में इस संधि को दुनिया की सफलतम संधि करार दिया था।

    * समझौते के तहत छह नदियां आती हैं सिंधु, चेनाब, झेलम ब्यास, रावी और सतलुज।

    * इसके तहत पाकिस्तान को 80.52 फीसदी पानी यानी 167.2 अरब घन मीटर पानी सालाना दिया जाता है।

    * समझौते के अंतर्गत सिंधु नदी की सहायक नदियों को पूर्वी और पश्चिमी नदियों में विभाजित किया गया।

    * सतलुज, ब्यास और रावी नदियों को पूर्वी जबकि झेलम, चेनाब और सिंधु को पश्चिमी नदी बताया गया।

    * भारत पूर्वी नदियों सतलुज, ब्यास और रावी के पानी को पूर्ण रूप से इस्तेमाल कर सकता है।

    * जबकि पश्चिमी नदियों झेलम, चेनाब और सिंधु का पानी किसी रुकावट पाकिस्तान को देना स्वीकार किया।

    * लेकिन साथ ही भारत पश्चिमी नदियों का पानी बिजली, सिचांई और भंडारण के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

    * समझौते के अंतर्गत एक स्थायी सिंधु आयोग की स्थापना की गई, जिसमें दोनो देशों ने कमिश्नर नियुक्त किए।

    * अगर कोई देश किसी प्रोजेक्ट पर काम करता है और दूसरे देश को उसकी जानकारी देनी होगी।

    * किसी देश को कोई आपत्ति है तो दोनों देशों के कमिश्नर बैठक कर उसका हल निकालेंगे।

    * आयोग समस्या का हल नहीं ढूंढ़ पाती हैं तो सरकारें उसे सुलझाने की कोशिश करेंगी।

    * मामला नहीं सुलझता तो कोर्ट ऑफ आर्ब्रिट्रेशन में जाने का भी रास्ता खुला है।

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    * सिंधु जल समझौते में हिंदुस्तान के हक का पानी पाकिस्तान में बह जाता है।

    * पाकिस्तान पानी चला जाता है और अबतक की केंद्र सरकारें सोती रहीं।

    * पंजाब के किसानों को पानी मिल जाए तो वे मिट्टी से सोना निकाल सकते हैं।

    * पीएम ने कहा अब वो बूंद-बूंद पानी रोक कर मैं पंजाब के किसानों के लिए पानी लाउंगा।

    * पीएम ने कहा किसानों को पानी दिलाने के लिए हमने समझौते पर टास्क फोर्स गठित की।

    * पीएम ने जवानों की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक का जिर्क किया।

    * कहा, जब हमारे बहादुर जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक किया तो पाक में हड़कंप मच गया।