OT में टपका पानी, टेबल पर लिटाने के बाद मरीज को ऑपरेशन से किया मना

इंदौर(26 जुलाई):  इंदौर के एमवाय अस्पताल का करोड़ों रुपए खर्च कर कायाकल्प किया गया। इसे अभी सालभर भी नहीं हुआ और परेशानियां शुरू हो गई। कुछ दिन पहले ऑपरेशन थियेटर (ओटी) नंबर एक में पानी टपकने से ऑपरेशन रोकना पड़े थे। अब सोमवार को ओटी नंबर में ऐसा ही हुआ।

यहां हड्‌डी संबंधी ऑपरेशन होते हैं। तल मंजिल स्थित इस ओटी में पहले मरीज को अंदर लिया और टेबल पर लिटाया। इसी बीच ऊपर से पानी टपकने लगा। डॉक्टरों ने तुरंत मरीज को बाहर किया और ऑपरेशन करने से मना कर दिया। बताया जाता है कि जिस मरीज को ऑपरेशन के लिए ओटी के अंदर लिया था उसे एनेस्थीसिया भी दिया जा चुका था।

रविवार की छुट्‌टी के बाद सोमवार को सुबह से ही हड्‌डी रोग के कई मरीजों के ऑपरेशन होने थे। जैसे-तैसे महीनों के इंतजार के बाद उनका नंबर आया था। इनमें कुछ तो दूर-दराज से आए थे। लेकिन लीकेज के कारण उनका फिर ऑपरेशन टल गया। मरीजों ने कहा कि अब कब तक ओटी सही होगी और कब उनका नंबर आएगा, पता नहीं। ओटी जैसी संवेदनशील जगह पर जब ऐसी स्थिति बन रही है। ऐसे में सवाल खड़े होते हैं कि ये कैसा कायाकल्प है? प्रभारी अधीक्षक ने डॉक्टरों की आपत्ति के बाद तत्काल पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को बुलवाया। हालांकि वे भी यह पता नहीं लगा पाए हैं कि पानी कहां से आया। बताया जा रहा है कि ओटी के ठीक ऊपर स्त्री रोग विभाग है जहां से सीपेज का पानी ओटी तक आ गया।

ओटी नंबर एक तब से अभी तक बंद है, कल्चर रिपोर्ट आना बाकी है 21 जुलाई को ओटी नंबर एक में ऐसी ही परेशानी आई थी। इसमें सर्जरी संबंधी ऑपरेशन होते हैं। उस दिन कैंसर पीड़ित तीन मरीजों के ऑपरेशन होने थे। ऑपरेशन की आस में भूखे-प्यासे मरीज सुबह ओटी पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बताया कि ओटी में लीकेज होने से पानी आ रहा है, इसलिए ऑपरेशन नहीं किए जा सकते। इसके बाद इस ओटी का फ्यूमीगेशन करवाया गया, जिसकी अभी कल्चर रिपोर्ट आना बाकी है। अभी इस पर बंद की सूचना लगी है।

तलघर में भी भर रहा पानी, विधायक पहुंचीं देखने

एमवायएच के तलघर में भी पानी भर रहा है। इससे वहां काफी दिक्कत हो रही है। इसे देखने के लिए सोमवार को विधायक उषा ठाकुर पहुंचीं। उन्हें अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि पुरानी ड्रेनेज लाइन के कारण परेशानी आती है। पानी तलघर में जमा हो जाता है। अधिकारियों ने सुझाव भी दिया कि इसे मेन ड्रेनेज लाइन से जोड़ा जाए तो हालत सुधर सकते हैं। उन्होंने अधीक्षक और डीन से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि निगमायुक्त से चर्चा कर जल्द काम शुरू करवाएंगे।