दिल्ली और इंदौर में ट्रेन ब्लास्ट की थी साजिश, सिमी के 80 आतंकी थे एक्टिव

नई दिल्ली (19 नवंबर): कानुपर में हुए ट्रेन हादसे के बाद आतंकियों के निशाने पर दिल्ली और इंदौर था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों जगहों पर ट्रेन में ब्लास्ट की प्लानिंग की जा रही थी, जिसमें करीब 80 सिमी के आतंकी मदद कर रहे थे।

कानपुर रेल हादसे में पकड़े गए बिहार के मोतिहारी में मोती पासवान से लंबी पूछताछ में यह खुलासा हुआ। उसने जांच एजेंसियों को बताया कि कानपुर में पटरियों को विस्फोट से उड़ाने के बाद दिल्ली और इंदौर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रची गई थी।

- दिवाली के मौके पर भी देश में बड़ा धमाका करने की प्लानिंग थी।

- आईएसआई चाहता था कि ऐसा धमाका किया जाए, जिससे पूरे देश में भूचाल आ जाए।

- घोड़ासहन में आईईडी विस्फोट नहीं होने की वजह से कानपुर के पास पुखरायां में साजिश को अंजाम दिया गया।

रॉ और एनआईए को आईएसआई कनेक्शन की तलाश

रॉ, एनआईए और रेलवे पुलिस के अधिकारियों ने इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना के सिलसिले में बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार तीन संदिग्ध आईएसआई एजेंटों से लगातार पूछताछ कर रही है। इस रेल दुर्घटना में करीब 150 लोगों की मौत हो गई थी।

आदमपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किये गये तीनों एजेंटों ने पूछताछ के दौरान पिछले साल के 20 नवंबर को हुई इस दुर्घटना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। उनसे मिली जानकारी को केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किये जाने के बाद एनआईए, रॉ, रेलवे पुलिस और उत्तर प्रदेश एवं बिहार एटीएस की टीम भारत में बढ़ती रेल दुर्घटनाओं में आईएसआई की भूमिका का पता लगाने के लिए मोती पासवान, उमाशंकर पटेल और मुकेश यादव से पूछताछ करने यहां पहुंचीं।