इंडोनेशिया में फिर आएगी सुनामी, अबतक 400 लोगों मौत

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 दिसंबर):
इंडोनेशिया में तूफानी लहरों के रूप में आई कयामत की आग ने सैकड़ों जिंदगियां खाक कर दीं। पिछले 48 घंटे से कराह रहे लोग अभी दर्द और मातम से उभर भी नहीं पाए थे, लापता सैकड़ों लोगों की तलाश जारी थी कि फिर विनाशकारी सुनामी का अलर्ट जारी हो गया। इंडोनेशिया में शनिवार को चांदनी रात में चार सौ से ज़्यादा लोगों को मारने वाली सुनामी आयी, 48 घंटे बाद फिर वैसी ही सुनामी आने वाली है।

शनिवार को इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने के कारण आई सुनामी से 400 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों घायल हैं। लहरें शांत हो गई, लेकिन खतरा टला नहीं। मौसम विभाग ने फिर सुनामी आने का अलर्ट जारी किया है। अनाक क्रेकाटोआ ज्वालमुखी की सक्रियता को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को समुद्र तटों को छोड़ने का आदेश जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग का मानना है कि सुमानी के संकते लगातार मिल रहे हैं। इसीलिए लोगों को पहले से ही आगाह किया गया है।

आपको पता दें कि इंडोनेशिया में इसी क्रेकाटोआ ज्वालामुखी में हुई गतिविधि की वजह से शनिवार को विनाशकारी सुनामी आई थी। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो नुग्रोहो ने बताया, 'मौसम विज्ञान, क्लाइमेटोलॉजी और भूभौतिकीय एजेंसियों का मानना है कि लोग समुद्र तट पर गतिविधियों को अंजाम न दें। एजेंसी का कहना है राहत और बचाव कार्य में जुटे लोग भी सचेत रहें, क्योंकि सुनामी की वजह से 10 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं।' बताया जा रहा है कि ज्वालामुखी फटने के कारण समुद्र के नीचे सतह में लगातार हलचल हो रही है। पूर्णिमा की रात होने के कारण उठ रही ऊंची लहरों के साथ मिलकर ये हलचल बड़ी तबाही का कारण बनती जा रही है।

शनिवार रात सुनामी से आधे घंटे पहले Anak Krakatau ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ था। हालांकि, ये पहला विस्फोट नहीं था। बीते कुछ हफ्ते में ज्वालामुखी में कई बार विस्फोट हुए हैं, लेकिन इस बार विस्फोट से समुद्र में भारी मात्रा में पानी एक जगह से दूसरी जगह अचानक बढ़ने लगा, जिससे इतनी बड़ी तबाही मची। Anak Krakatau ज्वालामुखी का एक हिस्सा समुद्र में है। विस्फोट की वजह से लैंडस्लाइड होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे समुद्र में पानी का बहाव प्रभावित हुआ, ऐसा दोबारा होने की आशंका है।

दूसरी संभावना जताई जा रही है कि ज्वालामुखी के नीचे मैग्मा चैंबर के खत्म होने की वजह से सुनामी आई। हालांकि ज्वालामुखी विस्फोट से सुनामी आना असामान्य बात नहीं है। 1792 में जापान में ज्वालामुखी विस्फोट से कई सौ फीट ऊंची लहरें उठी थी। 1980 में वाशिंगटन के माउंट सेंट हेलेन्स में ज्वालामुखी फटने से भी सुनामी आई थी, इसीलिए लगातार ज्वालामुखी के फटने की वजह से फिर इंडोनेशिया में सुनामी के अलर्ट पर है। हालांकि, इतिहास में ज्वालामुखी का सबसे बड़ा हादसा इंडोनेशिया में ही हुआ था। 1883 में Krakatau ज्वालामुखी में विस्फोट से सुनामी आई थी, जिसमें कई हजार लोग मारे गए थे। इसी से Anak Krakatau आईलैंड भी बना था।