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रूस भारत का सबसे भरोसेमंद साथी, सैन्य सहयोग हमेशा रहेगा-पार्रिकर

नई दिल्ली (29 अक्टूबर): भारत के रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने  भारत और अमरीका के मध्य होने वाले हालिया सैन्य समझौते पर रूस की चिंताओं को रद्द करते हुए कहा कि एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में भारत और रूस अपने सहयोग को यथावत जारी रखेंगे।

मनोहर पर्रिकर ने नई दिल्ली में भारत और रूस के मध्य होने वाली 16वीं बैठक में सैन्य प्रशिक्षण और संयुक्त सैन्य अभ्यास के बारे में दोनों देशों के मध्य सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। भारत और रूस ने गोवा में होने वाली ब्रिक्स की बैठक के अवसर पर एस-400 मीज़ाइल सिस्टम और चार युद्ध पोतों सहित 16 सैन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।

मीडिया ने भी भारत द्वारा दो अरब डॉलर के मूल्य की रूस की परमाणु पन्डुब्बी  किराए पर लिए जाने की भी सूचना दी थी। निसंदेह अमरीका, फ़्रांस और ब्रिटेन के साथ भारत ने हालिया वर्षों में जो सैन्य समझौते किए हैं उससे भारत, सैनिक और परमाणु विभाग में इन देशों का सबसे बड़ा भागीदार बन गया है।

यह ऐसी स्थिति में है कि भारत के हथियारों का ढांचां पारंपरिक रूप से रूसी हथियारों से संबंधित है। इसका अर्थ यह है कि शीत युद्धक के दौरान भारतीय सेना का ढांचा सोवियत संघ के हथियारों से बना हुआ था। भारत ने हालिया वर्षों में 50 अरब डॉलर के हथियारों का समझौता किया जिससे यह देश एशिया में हथियारों के एक बड़े बाज़ार में परिवर्तित हो गया है। इस प्रकार से कि दुनिया में हथियार बनाने वाले देशों के रूप में अमरीका और रूस, भारत में अपनी पैठ बनाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। 


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