भारत-पाक तनाव के बीच इंडियन नेवी का ऑपरेशन पश्चिमी लहर अगले हफ्ते

नई दिल्ली(29 अक्टूबर): सीमा पर पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बावजूद भारत का अपनी सेना की ऑपरेशनल तैयारियों पर पूरा फोकस है। जहां एक ओर मिलिटरी और वायु सेना दुश्मन के किसी भी सैन्य हरकत का माकूल जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है, वहीं नेवी भी तैयारियों को पुख्ता करने में जुटी हुई है। इसी क्रम में इंडियन नेवी अगले हफ्ते अरब सागर में एक अहम एक्सर्साइज़ ‘पश्चिम लहर’ को अंजाम देगी।

क्या होगा एक्सर्साइज में

पश्चिमी समुद्र तट पर सघन सैन्य अभ्यास के लिए 40 से ज्यादा जंगी बेड़े व सबमरीन के अलावा, फाइटर जेट्स, टोही विमान और ड्रोन्स जुटने लगे हैं। सेना के टॉप सूत्रों का कहना है कि इस अभ्यास में पूर्वी जलक्षेत्र में तैनात शिप्स को भी शामिल किया गया है। ‘पश्चिम लहर’ एक्सर्साइज़ इससे पहले किए गए डिफेंस ऑफ गुजरात एक्सर्साइज (DGX) का ही बड़ा रूप है। इसका मकसद ऑपरेशनल तैयारियों को जांचने के अलावा पानी के रास्ते आतंकी हरकतों से निपटने की तैयारी को दुरस्त करना है। सूत्रों के मुताबिक, यह अभ्यास 2 से 14 नवंबर तक चलेगा।

कमियों को दूर करने में जुटा रक्षा मंत्रालय रक्षा मंत्रालय ने तीनों सर्विस वाइस चीफ- लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत, एयर मार्शल बीएस धनोआ और वाइस एडमिरल केबी सिंह को इमरजेंसी फाइनैंशल पावर दिए हैं। रक्षा मंत्रालय ने एम्पावर्ड प्रोक्योरमेंट कमिटी भी बनाई हैं। इनका काम सुरक्षा बलों के पास मौजूद गोला-बारूद के स्टॉक से जुड़ी ‘कमियों’ को जल्द से जल्द दूर करना है। एम्पावर्ड कमिटी ने हाल में रूस और इजरायल का दौरा किया। मकसद आर्टिलरी के लिए गोला बारूद, रॉकेट, मिसाइल, टैंकों के गोले आदि की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाना था। ये कदम ऐसे वक्त में उठाए जा रहे हैं, जब आर्मी के पास सघन युद्ध लड़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में गोला-बारूद मौजूद न होने की बात सामने आ चुकी है।

राहिल शरीफ करवा सकते हैं गड़बड़ी भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों को इस बात का शक है कि पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल राहिल शरीफ भारतीय सरजमीं पर बड़ा आतंकी हमला या बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) के जरिए कुछ करवा सकते हैं। बता दें कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर स्थित कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर में शहीद हुए सेना के जवान का शव क्षत-विक्षत करने में भी बैट का हाथ होने का शक है। सूत्रों का कहना है कि नवंबर में रिटायर हो रहे जनरल शरीफ दोनों देशों के बीच तनाव को घटने नहीं देना चाहते।

हालात तनावपूर्ण, लेकिन जंग जैसे हालात नहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि शरीफ का नवाज शरीफ सरकार के साथ बेहतर रिश्ते नहीं हैं। ऐसे में नया कार्यकाल या अन्य कोई बड़ी भूमिका पाने के लिए वे ऐसा कर सकते हैं। सूत्रों ने इस ओर ध्यान दिलाया कि गुरुवार सुबह से ही लाइन ऑफ कंट्रोल और जम्मू-कश्मीर स्थित इंटरनैशनल बॉर्डर, दोनों ही जगहों पर पाकिस्तानी सेना की ओर से फायरिंग की घटनाओं में अप्रत्याशित इजाफा हो गया है। हालांकि, एक अन्य सूत्र का मानना है कि हालात तनावपूर्ण जरूर हैं, लेकिन जंग जैसे हालात नहीं हैं।