पाक की नापाक हरकतों के बावजूद भारत ने परमाणु हादसा समझौता बढाया

नई दिल्ली (20 फरवरी): पाकिस्तान की ओर लगातार हो रहे आतंकी हमलों के बावजूद भारत ने पाकिस्तान के साथ परमाणु हादसों का खतरा कम करने के लिए किये गये समझौते को पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। इस समझौते के  तहत दोनों देश अपने क्षेत्र में परमाणु हथियार से हादसा होने पर दूसरे को सूचना देंगे। इस स्थिति में विदेश सचिवों के हॉटलाइन, डिप्लोमैटिक लिंक या और किसी भी चैनल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

 इस समझौते में परमाणु हादसे की सूचना एक दूसरे की सहमति के बिना तीसरे पक्ष को देने पर भी रोक का प्रावधान है। समझौता पहली बार 2007 में किया गया था, जिसे 2012 में भी विस्तार दिया गया था। तब का समझौता सोमवार तक के लिए लागू था। पहली बार समझौता होने से पहले तीन साल तक बातचीत चली थी। इस समझौते ने मुंबई अटैक से लेकर पठानकोट और उड़ी अटैक देखे, लेकिन यह बना रहा। तनाव के बावजूद दोनों देशों ने 1988 में समझौता किया था कि वे एक दूसरे के परमाणु ठिकानों पर हमला नहीं करेंगे। परमाणु ठिकानों की सूची सौंपने पर भी सहमति बनी और 1992 से दोनों देश हर साल सूची सौंप रहे हैं।