'भारत को NSG का मेंबर बनाना, पाक की दुखती रग को छूने जैसा'

नई दिल्ली (14 जून): एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत के प्रयास का विरोध करते हुए चीन की आधिकारिक मीडिया ने कहा है कि भारत की सदस्यता न सिर्फ पाकिस्तान की ‘दुखती रग’ को छुएगी और परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ाएगी, बल्कि चीन के राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा पैदा करेगी। सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ में छपे एक लेख में कहा गया है कि भारत की एनएसजी की सदस्यता क्षेत्र में परमाणु टकराव की शुरुआत होगी। ‘ग्लोबल टाइम्स’की रिपोर्ट में लिखा है कि भारत और पाकिस्तान दोनों इस क्षेत्र की परमाणु ताकतें हैं। वे एक-दूसरे की परमाणु क्षमताओं को लेकर सजग रहते हैं।

एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत का आवेदन और उसके संभावित नतीजे निश्चित तौर पर पाकिस्तान में दुखती रग को छुएंगे। सोल में आगामी 24 जून को होने जा रही एनएसजी की बैठक से पहले चीन के सरकारी अखबार ने कहा, पिछले सप्ताह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने देश को एनएसजी में प्रवेश दिलाने के लिए समर्थन हासिल करने के मकसद से दुनिया के कई हिस्सों का दौरा किया। अमेरिका और एनएसजी के कुछ सदस्यों ने भारत की सदस्यता के प्रयास को समर्थन दिया है, लेकिन कई देशों खासकर चीन की ओर विरोध किए जाने से भारत परेशान हो गया है।ग्लोबल टाइम्स में कहा गया है कि,चीन इस बात पर जोर देता है कि भारत को सदस्यता से एनपीटी पर हस्ताक्षर करना चाहिए।