NSG में एंट्री पर भारत की राह हुई मुश्किल, चीन ने फिर लगाया अडंगा

नई दिल्ली ( 5 जून ):  परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश पर बार-बार अडंगा लगाने वाले चीन ने सोमवार को कहा है कि एनएसजी (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी 'नई परिस्थितियों' में और 'अधिक जटिल' हो गई है। चीन ने साथ ही कहा कि गैर-अप्रसार संधि ( एनपीटी ) पर हस्ताक्षर न करने वाले सभी देशों के लिए एक समान नियम लागू होना चाहिए।

बता दें कि अधिकतर सदस्य देश एनएसजी में भारत के प्रवेश का समर्थन कर रहे हैं, जबकि चीन 48 देशों वाले इस समूह में भारत की सदस्यता का हमेशा विरोध करता रहा है।

इधर, चीन के सहायक विदेश मंत्री ली हुइलेई ने संवाददाता से कहा, 'एनएसजी की बात की जाए तो यह नई परिस्थितियों में एक नया मुद्दा है और यह पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल है।' हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि नई परिस्थितियां और जटिलताएं क्या हैं। उन्होंने कहा, 'चीन गैर-पक्षपाती और सार्वभौमिक तरीके से लागू किए जा सकने वाले ऐसे उपाय के लिए एनएसजी को बढ़ावा देता है, जो एनएसजी के सभी सदस्यों पर लागू हो।'

इसी महीने स्विट्जरलैंड में एनएसजी में भारत के प्रवेश के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्री ली हुइलेई ने कहा, 'एनपीटी पर हस्ताक्षर न करने वाले सदस्यों की एनएसजी में भागीदारी के मुद्दे पर चीन का रुख बदला नहीं है।' चीन भले ही एनएसजी में भारत के प्रवेश का विरोध करता रहा हो, लेकिन विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि उनका देश भारत के साथ संबंध में मजबूती लाना चाहता है।