सऊदी अरबः वेरिफिकेशन में खामियों की वज़ह से हो रहा है भारतीयों के साथ धोखा

नई दिल्ली (28 फरवरी): सऊदी अरब के वीसा वेरिफिकेशन सिस्टम की खामियों का खामियाजा सऊदी अरब जाकर पैसा कमाने की चाह रखने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। फर्जी एजेंट्स भारतीय वर्कर्स को ज्यादा पैसे औरसुख सुविधाओँ का लालच देकर सऊदी अरब भेज तो देते  हैं लेकिन जब वो वहां पहुंचते हैं तो सच्चाई कुछ और ही होती है।

'गल्फ न्यूज़ डॉट कॉम'ने दुबई स्थित भारतीय मिशन के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि भारत से आने वाले अन स्किलिड लेबरर्स फर्जी एजेंट्स का शिकार ज्यादा बन रहे हैं। भारतीय मिशन ने ऑन लाइन हायरिंग के लिये ई-माइग्रेट सिस्टम चला रखा है। लेकिन इसका फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलता जो इस सिस्टम का उपयोग करता है। भारतीय मिशन के पास हर महीने लगभग सिर्फ 200 लोग इस आन लाइन सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। इस समय अरब देशों में लगभग 30 लाख भारतीय काम कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश के साथ धोखा हुआ है।  

भारतीय मिशन के अधिकारी ने यह भी कहा कि धोखा दो मुख्य कारणों से होता है। पहला यह कि भारतीय हवाई अड्डों पर अभी तक फर्जी वीसा को डिटेक्ट करने वाले उपकरण नहीं है। दूसरा यह है कि सऊदी अरब में भी वीसा वेरिफिकेशन की कोई सेंट्रलाइज सिस्टम नहीं है। हालांकि सऊदी अरब के विदेश मंत्रलाय के अधीन एक वेबसाइट डब्लू डब्लू डब्लू डॉट अमीर डॉट एई पर लॉगिन करके वीसा और काम देने वाली कंपनी के बारें में जानकारी हासिल की जा सकती है, लेकिन इस वेबसाइट पर केवल दुबई के अलावा किसी दूसरी जगह के बारे में जानकारी नहीं है।