UAE के रियल स्टेट कारोबार में भारतीयों का वर्चस्व, पाकिस्तानियों का बुरा हाल

नई दिल्ली ( 29 जनवरी ): संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत की उदार कूटनीति अब दिखने लगी है। मोदी सरकार की इसी कूटनीति की वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार और आतंकवाद पर कई अहम और सामरिक लिहाज से अति महत्वपूर्ण करार हुए हैं। लेकिन इसके इतर यूएई केरियल एस्टेट में भी भारतीयों ने पाकिस्तान समेत कई देशों के मुकाबले बाजी मार ली है। पाकिस्तान की सरपरस्ती वाले दाऊद जैसे अंडरवर्ल्ड के धंधेबाजों ने यूएई से बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया है।

 

अकेले दुबई में पिछले साल के मुकाबले पाकिस्तानियों का निवेश 40 फीसदी तक सिमट गया है जबकि भारतीयों का निवेश संख्या और मात्रा में नंबर वन है। गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर आए यूएई के युवराज मोहम्मद बिन जायद एल नाहियान के साथ हुई बातचीत में यूएई में भारतीयों के मौजूदा धंधे और उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं पर अहम बातचीत हुई।

इस बातचीत से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने मुताबिक दुबई में 6000 से अधिक भारतीय निवेशकों ने 12 अरब अमीरात दिरहम (एईडी) का निवेश किया है। खबरों के मुताबिक दुबई के रियल स्टेट में 136 देशों के लोगों का करीब 44 अरब दिरहम का निवेश है। इनमें भारतीय सबसे ऊपर हैं।