एशिया के दूसरे देशों के मुकाबले भारतीय ज्यादा 'हैप्पी'

नई दिल्ली (4 मई): हाल ही में कराए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि खुशी के मामले में भारत दूसरे एशियाई देशों के मुकाबले आगे है। यह अध्ययन इप्सोस एंड सिग्मा टीटीके हेल्थ इंश्योरेंस की तरफ से कराया गया।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को कुल मिलाकर सुखी होने के मामले में सबसे ज्यादा स्कोर 72.8 मिला है। यह स्थानीय औसत 65.3 से ऊपर है। हालांकि, भारतीयों का नज़रिया हेल्थ इंश्योरेंस के मामले में अभी भी काफी कम है। करीब 65 फीसदी रिस्पॉन्डेंट्स ही अपनी जेब से मेडिकल खर्चे के लिए पैसे निकालना चाहते हैं।

इस स्टडी में 11 मुल्कों को शामिल किया गया। जिनमें चीन, हॉन्गकॉन्ग, इंडोनेशिया, भारत, न्यूजीलैंड, स्पेन, दक्षिण कोरिया, ताईवान, थाईलैंड, तुर्की और ब्रिटेन शामिल हैं। आंकड़े 3021 लोगों के जवाबों पर आधारित हैं।

भारत का हैप्पीनेस इंडेक्स पूर्व के मानक से काफी अलग है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपियन यूनियन के निष्कर्षों से जहां पता चलता है कि हैप्पीनेस यू आकार में होती है। मिडेल एज के लोग यंग्सटर्स और बुजुर्गों की तुलना में कम खुश रहते हैं। लेकिन भारत में यह पाया गया कि 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग जवान और मिडेल एज के लोगों की तुलना में ज्यादा तनाव में और नाखुश थे।