12,000 करोड़ रुपये का हुआ भारत के योग-आयुर्वेद प्रोडक्ट्स का बाजार

मनीष कुमार, नई दिल्ली (21 जून): दुनिया के 193 देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। हिंदुस्तान के हर शहर में सुबह-सुबह लोगों ने योग किया। नरेंद्र मोदी प्रधान योगी की भूमिका में नजर आए। लेकिन, हम बात करेंगे योग के बाजार'आसन' की। क्या आपको पता है कि देश में योग कितना बड़ा कारोबार बन चुका है? और योग गुरु कितनी कमाई करते हैं?

योग की ऐसी धुन पहले कभी नहीं दिखी। हिंदुस्तान के हर शहर में लोग 'योग' पथ पर आगे बढ़ते दिखे। हर शख्स योग से अपना रोग भगाना चाहता है। हिंदुस्तान समेत दुनिया के 192 देशों में बजा योग का डंका जो योग कभी ऋषि-मुनियों की साधना हुआ करती थी, वो अब चुका है- दुनिया का सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाला कारोबार।

हिंदुस्तान में योग और आयुर्वेद से जुड़े प्रोडक्ट्स का बाजार 12 हजार करोड़ रुपये का हो चुका है । एक सर्वे के मुताबिक, योग करने वालों में तादाद में 35% तक इजाफा हुआ है। देश में योग ट्रेनर्स की मांग 35% सालाना बढ़ी है। योग से जुड़े प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां भी तेजी से बढ़ी हैं। योग के दौरान पहने जाने वाले ड्रेस का बाजार भी हजार करोड़ पार कर चुका है। 

आज योग विश्व में बहुत बड़े कारोबार को रूप में बढ़ रहा है। अरबों-खरबों का कारोबार योग से हो रहा है। दरअसल, दो साल में योग के कारोबार ने गजब रफ्तार पकड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर ही 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का फैसला किया गया। योग की ऐसी आंधी चली की दुनिया भर में अनुलोम-विलोम और कपालभाति होने लगा। 

खांटी बिजनेस करनेवाली कंपनियों को भी योग में अपना मुनाफा दिखा। कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को योग सीखाना शुरू कर दिया। खर्च घटाने और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए देश की आधी से ज्यादा कंपनियां अपने कर्मचारियों को योग सीखा रही हैं। कंपनियों की सोच है कि इससे कर्मचारी कम बीमार पड़ेंगे, जिससे इलाज का खर्च कम होगा और प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। 

प्रधानमंत्री (दुनिया में कहीं भी जीरो बजट से हेल्थ इंश्योरेंस नहीं होता है। लेकिन योग इसकी गारंटी देता है। गरीब और अमीर सभी के लिए है योग। हिंदुस्तान ही नहीं पूरी दुनिया में योग तेजी से फैल रहा है । खास कर अमेरिका में। लोग लाखों रुपये योग सीखने में खर्च कर रहे हैं। योग को लेकर अमेरिका में वहां के मौसम और मिजाज के हिसाब से तरह-तरह के प्रयोग हो रहे हैं।

अमेरिका में 2008 में 1.58 करोड़ योग करते थे। 2012 में ये तादाद बढ़कर 2.04 करोड़ पहुंच गयी। 2016 तक अमेरिका में योग करनेवालों का आंकड़ा 3.67 करोड़ पर पहुंच गया। जिस रफ्तार से योग करनेवाले बढ़े, उसी रफ्तार से योग सीखाने वाले स्कूल भी अमेरिका में खुले। 2008 में सिर्फ 818 योग स्कूल थे। ये तादाद 2012 तक बढ़कर 2500 हो गयी और अब ये 3900 का आंकड़ा पार कर गयी है।

आज की तारीख में अमेरिका में योग का बिजनेस करीब 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपये का हो चुका है। सिर्फ अमेरिका और हिंदुस्तान ही नहीं चीन, जापान समेत दुनिया के ज्यादातर देशों में लोग सुबह-सुबह योग कर रहे हैं। आखिर, अच्छी सेहत कौन नहीं चाहता?

जैसे-जैसे दुनिया में योग बढ़ रहा है  इसे जुड़ा बिजनेस भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। योग का ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है- वो भी पूरी दुनिया में। सुबह-सुबह योग का चलन पिछले दो साल में पूरी दुनिया में तेजी से बड़ा है। जिस तेजी से योग करने वाले बढ़े, उसी रफ्तार से योग से जुड़े सामान बनाने वाली कंपनियां भी बढ़ीं हैं। लोगों के योग के आसन सिखाने वाले ट्रेनर भी तैयार होने लगे।

योग का फायदा सिर्फ आम आदमी ही नहीं उठा रहा है। इससे जुड़ा बिजनेस भी दिन-दुनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है। हिंदुस्तान में ही योग से जुड़े प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों का कारोबार 12 हजार करोड़ का पहुंच चुका है। योग मैट, जूते, योग  सीडी और डीवीडी समेत दूसरी चीजों की मांग तेजी से बढ़ी है। दुनिया में योग एक्सेसरी का कारोबार करीब 5.37 लाख करोड़ रुपये का है। अमेरिका में तो 69 हजार करोड़ रुपये लोग योग से जुड़ी किताबों पर खर्च करते हैं। 

एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक, योग टीचर्स की मांग सालाना 35 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है। देश में योग ट्रेनिंग का कारोबार करीब ढाई हजार करोड़ रुपये का हो चुका है। योग टीचर प्रति घंटे 400-1500 रुपये तक फीस लेते हैं। उत्तराखंड के ऋषिकेष में एक योग सिखाने वाली संस्था एक महीने की फीस सवा लाख रुपये तक वसूलती है। वहीं, अमेरिका और ऑस्ट्रलिया जैसे देशों में योग गुरु 3 से 5 घंटे के योगा सेशन की फीस 2 से 3 लाख के बीच वसूलते हैं। अमेरिका हर साल योग सीखने पर करीब 2.5 बिलियन डॉलर खर्च करता है। 

महिलाएं भी बड़ी तादाद में खुद को चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए अब जिम की जगह योग क्लास में शामिल हो रही हैं। य़ोग ट्रेनर तैयार करने का बिजनेस भी तेजी से बढ़ रहा है। तरह-तरह के कोर्स डिजाइन किए जा रहे हैं। जिससे लोग योग सीख कर मोटी कमाई कर सकें।

योग के दौरान अलग तरह के खान-पान की सलाह दी जाने लगी। जिससे कई ऐसी कंपनियां तेजी से चमकने लगीं, जो हेल्थ प्रोडक्ट बनाती हैं। उनका दावा है कि योग के दौरान खाने से बहुत फायदा होता है। ऐसी कंपनियों का टर्नओवर हजारों करोड़ में पहुंच चुका है। 

अमेरिका में 37% योग करनेवाले 18 साल से कम उम्र के हैं। दुनिया के युवा तेजी से योग को अपना रहे हैं। ऐसे में खास तरह की ड्रेस पहनकर योग का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, हिंदुस्तान में योग के दौरान पहने जाने वाले ड्रेस का कारोबार ही करीब एक हजार करोड़ रुपये का पहुंच चुका है।